होम /न्यूज /खेल /क्रिकेट पर तालिबान का प्रभाव, अब अफगानिस्तान को टी20 विश्व कप में खेलने देगा ICC बोर्ड?

क्रिकेट पर तालिबान का प्रभाव, अब अफगानिस्तान को टी20 विश्व कप में खेलने देगा ICC बोर्ड?

तालिबान के कब्जे के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि अफगानिस्तान को T20 वर्ल्ड कप में खेलने देगा ICC बोर्ड. (Instagram)

तालिबान के कब्जे के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि अफगानिस्तान को T20 वर्ल्ड कप में खेलने देगा ICC बोर्ड. (Instagram)

अफगानिस्तान में खेल के भविष्य के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच ICC पर टी20 वर्ल्ड कप में अफगान ध्वज के बजाय तालिबान के ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद अफगानिस्तान (Taliban in Afghanistan) की अगले महीने टी20 विश्व कप (T20 World Cup) में भागीदारी उत्सुकता का विषय बनती जा रही है. तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में क्रिकेट बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को अचानक से उनके पद से हटा दिया गया और महिलाओं के क्रिकेट खेलने पर रोक लगा दी गई है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कार्यकारी निदेशक हामिद शिनवारी की जगह नसीबुल्लाह हक्कानी ने ली है.

    अफगानिस्तान में खेल के भविष्य के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पर 17 अक्टूबर से यूएई और ओमान में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में अफगान ध्वज के बजाय तालिबान के झंडे को लगाने के लिए जोर दिया जा सकता है. अगर ऐसा कोई अनुरोध किया जाता है तो आईसीसी निदेशक बोर्ड निश्चित रूप से इस तरह के किसी अनुरोध को खारिज कर देगा.

    पाकिस्तान को छोड़कर अभी स्पष्ट नहीं है कि अन्य देश अफगानिस्तान के बदले हुए ध्वज के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हो जाएंगे या नहीं. पाकिस्तान में तालिबान सरकार को पूरा समर्थन प्राप्त है और समर्थकों में पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी भी शामिल हैं. टीम में दुनिया के शीर्ष टी20 खिलाड़ी राशिद खान मौजूद हैं. अफगानिस्तान का पारंपरिक ध्वज काले, लाल और हरे रंग का है.

    इसे भी पढ़ें, पाकिस्तान के मंत्री का दावा, NZC को धमकी भरा ईमेल भारत से भेजा गया था

    आईसीसी के एक बोर्ड सदस्य ने कहा, ‘अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. अभी तक तालिबान के ध्वज के तले खेलने का कोई अनुरोध नहीं किया गया है लेकिन जहां तक संचालन का संबंध है तो आईसीसी बोर्ड को इस पर फैसला करने की जरूरत है. हर कोई अफगानिस्तान की परिस्थितियों पर नजर रखे है. सामान्य तौर पर अगर आईसीसी एक क्रिकेट बोर्ड को प्रतिबंधित कर देता है तो वह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ियों पर इसका असर नहीं पड़े. राशिद खान हो या मोहम्मद नबी हो, किसी की कोई गलती नहीं है. ’

    आईसीसी के सदस्यता के मानंदड के अनुसार, ‘एक आवेदक के पास आईसीसी से मान्यता प्राप्त करने के लिये देश में उचित दर्जा, ढांचा, मान्यता, सदस्यता और काबिलियत होनी चाहिए ताकि वह मुख्य संचालन संस्था के तौर पर काम कर सके और देश में खेल के प्रशासन, प्रबंधन और क्रिकेट के विकास (पुरूषों और महिलाओं) के लिए जिम्मेदार हो.’ इसमें सदस्य देश को महिलाओं के क्रिकेट के लिए भी संतोषजनक संरचना तैयार करनी होती है और काफी खिलाड़ियों का पूल तैयार करना होता है.

    इसे भी देखें, पंजाब पर जीत के बाद कार्तिक त्यागी और चेतन का शर्टलेस डांस, Video वायरल

    तालिबान के महिलाओं के क्रिकेट को प्रतिबंधित करने के बाद अफगानिस्तान ने पहले ही जरूरी मानंदड में गंभीर उल्लघंन कर दिया है. शिनवारी के अनुसार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड में बदलाव तालिबान के नये गृहमंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी (के आंतकी संगठन हक्कानी नेटवर्क) के छोटे भाई अनस हक्कानी के जोर देने पर किया गया है.

    Tags: Afghanistan Cricket, Afghanistan-Taliban, Cricket news, Icc T20 world cup, T20 World Cup, Taliban rule in Afghanistan

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें