मैं आसान निशाना हूं इसलिए लोग मेरे पीछे पड़े रहते हैं: पेस

मैं आसान निशाना हूं इसलिए लोग मेरे पीछे पड़े रहते हैं: पेस
रोहन बोपन्ना के साथ पुरुषों के युगल मैच के पहले ही दौर में हारने पर भावुक लिएंडर पेस ने अपनी निराशा जताते हुए कहा कि वह एक ‘आसान निशाना बन गए हैं’

रोहन बोपन्ना के साथ पुरुषों के युगल मैच के पहले ही दौर में हारने पर भावुक लिएंडर पेस ने अपनी निराशा जताते हुए कहा कि वह एक ‘आसान निशाना बन गए हैं’

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रियो दि जेनेरियो। रोहन बोपन्ना के साथ पुरुषों के युगल मैच के पहले ही दौर में हारने पर भावुक लिएंडर पेस ने अपनी निराशा जताते हुए कहा कि वह एक ‘आसान निशाना बन गए हैं’ और इस वजह से हीं लोग ‘उनके पीछे पड़े रहते हैं’ हैं। पेस उन खबरों से नाराज थे जिनमें कहा गया कि वह बोपन्ना के साथ कमरा साझा नहीं करना चाहते थे और फिर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि खेल गांव में कमरे नहीं दिया गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या युगल ओलंपिक पदक के बिना उनके सुनहरे करियर की चमक कुछ कम हो जाएगी, पेस ने कहा कि मुझे अपनी उपलब्धियों पर गर्व है। मैं एक आसान निशाना हूं, इसलिए लाग मेरे पीछे पड़े रहना चाहते हैं। ठीक है, ऐसा करिए। मैं भी एक आम इंसान हूं, अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं। लेकिन लिएंडर एक आसान लक्ष्य है। मैं आगे बढ़ता रहूंगा क्योंकि मेरा संकल्प दृढ़ है। मुझे पता है कि काफी मनगढंत कहानियां बनाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी होती है, यह सब नहीं समझते। लोग नहीं समझते कि दस ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। लोग नहीं समझते कि 18 ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। लोग यह भी नहीं समझते कि सात बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।



पेस ने कहा कि वह फिट रहें तो 2020 में टोक्यो में अपने आठवें ओलंपिक में भी हिस्सा लेना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि चार साल एक लंबा समय है और आप उतने दूर की नहीं सोचते। इस समय मैं निराश हूं। मुझे अपने सातवें ओलंपिक खेलों का लुत्फ उठाने का मौका नहीं मिला। इस उम्र में भी खेलते रहने के लिए आपको काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पेस ने माना कि उनके ओलंपिक करियर में कुछ चीजें अधूरी रहीं जैसे कि युगल में कभी भी पदक ना जीत पाना।



उन्होंने कहा कि जहां तब ओलंपिक में युगल की बात है, एथेंस में जो हुआ वह दुखद था। वह खुशी का पल नहीं था। हम एक समय मैच प्वाइंट पर थे, कांस्य पदक का मैच था। हमें पदक जीतने के लिए मैच प्वाइंट चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यह हमेशा मेरे जेहन में रहता है। पेस ने क कि अतीत की खूबसूरती यह है कि आप उसे बदल नहीं सकते, आप उससे बस सीख सकते हैं।
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