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Olympic Count down 160 Days: लिएंडर पेस ने ओलिंपिक में खत्म किया ‌था भारत का 44 साल का सूखा

News18Hindi
Updated: February 15, 2020, 7:42 AM IST
Olympic Count down 160 Days: लिएंडर पेस ने ओलिंपिक में खत्म किया ‌था भारत का 44 साल का सूखा
ओलिंपिक मेडल के साथ लिएंडर पेस (फाइल फोटो)

1996 अटलांटा ओलिंपिक (Atlanta Olympics) में लिएंडर पेस (Leander Paes) ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था

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  • Last Updated: February 15, 2020, 7:42 AM IST
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नई दिल्ली. देश के स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस (Leander Paes) के नाम सबसे बड़ी उपलब्धि ओलिंपिक मेडल है. 1996 अटलांटा ओलिंपिक (Atlanta Olympics) में पेस ने मेडल जीतकर दुनिया भर में भारत की धाक जमा दी थी. टेनिस में भारतीय खिलाड़ियाें के लिए बड़ा खिताब हमेशा ही एक सपना रहता था, लेकिन उस ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतकर पेस ने भारत के सुनहरे भविष्य की झलक दिखला दी ‌थी. पेस ने ब्रॉन्ज मेडल जीतते ही भारत का 44 साल का सूखा खत्म कर दिया था. 44 साल के इंतजार के बाद भारत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलिंपिक मेडल अपने नाम किया था.

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अटलांटा ओलिंपिक के सेमीफाइनल में लिएंडर पेस को आंद्रे आगासी ने हराया था (फाइल फोटो)


उनसे पहले 1952 में रेसलिंग में केडी जाधव ने व्यक्तिगत मेडल जीता था. केडी जाधव ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. इस ओलिंपिक में पेस महेश भूपति के साथ डबल्स में भी उतरे थे, लेकिन वहां दूसरे राउंड में ही हार गए. लेकिन भारत के इस ‌स्‍टार टेनिस खिलाड़ी ने सिंगल्स में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा ही  लिया.

संघषपूर्ण मुकाबले में ब्राजील के खिलाड़ी को दी थी मात

लिएंडर पेस (Leander Paes) ने अटलांटा ओलिंपिक में अपने अभियान का आगाज अमेरिका के रिची रेनेबर्ग के खिलाफ किया था. इस मुकाबले में उन्हें कड़ी टक्कर मिली. एक सेट गंवाया तो एक अपने नाम किया. तीसरे सेट में उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही थी, लेकिन तभी रिची रिटायर्ड हो गए, जिस वजह से पेस अगले राउंड में पहुंच गए. दूसरे राउंड में उन्होंने वेनेजुएला निकोल्स को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराया. तीसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ी ने ‌थॉमस एनविस्ट को कांटे के मुकाबले में 7-5, 7-6 से मात दी और इस टक्कर में जीत हासिल करते ही उन्होंने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया. क्वार्टरफाइनल में पेस ने इटली के रेनजो फुरलान को  6-1, 7-5 से हारकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया.

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ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में लिएंडर पेस ने फर्नांडो मिलेगेनी को मात दी थी (फाइल फोटो)


आंद्रे आगासी ने रोका पेस का सफरजैसे ही पेस सेमीफाइनल में पहुंचे, देश में हर किसी का चेहरा खिल उठा था. हर किसी को उनसे मेडल की उम्मीद होने लगी थी. साथ ही चिंता भी थी, क्योंकि पेस के सामने आंद्रे आगासी की चुनौती थी. सेमीफाइनल में भारतीयों की चिंता सही सा‌बित हुई और कड़े मुकाबले में आगासी ने भारतीयों की उम्मीदों को बड़ा झटका दे दिया था. पेस को इस मुकाबले में 6-7, 3-6 से हार मिली. हालांकि इसके बाद ही भारत की मेडल की उम्मीदें बरकरार थी.

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इस ब्रॉन्ज मेडल के बाद लिएंडर पेस डबल्स खेलने लग गए थे (फाइल फोटो)


हाई वोल्टेज रहा ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले
ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पेस (Leander Paes) के सामने ब्राजील के फर्नांडो मिलेगेनी की चुनौती थी. पेस पहला सेट 3-6 से हार गए थे. इसके बाद दूसरा सेट उन्होंने 6-3 से जीता और मुकाबला निर्णायक सेट में पहुंच गया. निर्णायक सेट में  एक गेम पेस के नाम रहता, तो दूसरा फर्नांडो के नाम. मुकाबला काफी हाई वोल्टेज हो गया था, लेकिन इस दबाव के बीच भी पेस ने तीसरा सेट 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया.

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First published: February 15, 2020, 7:30 AM IST
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