नाओमी ओसाका: कभी लोग मारते थे ताने, अब बन गईं टेनिस क्‍वीन

16 अक्‍टूबर,1997 को जापान के ओसाका सिटी में जन्‍मीं नाओमी बेशक टेनिस के कोर्ट में जापान का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, लेकिन वह जापानी भाषा सिर्फ समझ सकती हैं.

News18Hindi
Updated: January 27, 2019, 1:45 PM IST
नाओमी ओसाका: कभी लोग मारते थे ताने, अब बन गईं टेनिस क्‍वीन
नाओमी ओसाका
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Updated: January 27, 2019, 1:45 PM IST
जापान की नाओमी ओसाका ने चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा को तीन सेटों के रोमांचक मुकाबले में हराकर ना सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई ओपन महिला एकल खिताब जीत लिया बल्कि वह दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी भी बन गई हैं. वह नंबर वन रैंकिंग हासिल करने वाली पहली एशियाई (महिला और पुरूष दोनों में) खिलाड़ी बनी हैं.

पेत्रा क्वितोवा को दो घंटे 27 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6, 5-7, 6-4 से हराने वाली ओसाका के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है कि उनकी मां जापानी हैं जबकि पिता हैतियन हैं. वह तीन साल की थीं तभी उनके माता-पिता न्‍यूयार्क शिफ्ट हो गए थे. सच कहा जाए तो माता-पिता के अलग-अलग मुल्‍क से होने के कारण करियर की शुरुआत में नाओमी पर कई बार फब्तियां भी कसी जाती थीं, लेकिन उन्होंने इन सब की परवाह करने के बजाए अपने खेल पर ध्यान देना उचित समझा. हालांकि आजकल वह फ्लोरिडा में रहती हैं.

2013 में ओसाका ने टेनिस को पेशे के तौर पर लिया, जिसमें उनकी लंबाई (180 सेंटीमीटर), दमदार सर्व और फोरहैंड ने उन्‍हें भविष्‍य का स्‍टार करार दिया. मजेदार बात ये है कि 2016 के यूएस ओपन में उनकी सर्व की रफ्तार 201.1 किलोमीटर प्रति घंटा थी. 2014 में उन्‍होंने वूमेंस टेनिस एसोसिएशन टूर चैंपियनशिप के लिए क्‍वालीफाई किया और दुनिया की 19वें नंबर की खिलाड़ी और 2011 की यूएस ओपन चैंपियन समानथा स्‍तोसुर को हराकर तहलका मचा दिया.



ओसाका ने जनवरी 2016 में ऑस्‍ट्रेलियन ओपन के लिए क्‍वालीफाई किया और थर्ड राउंड तक पहुंची. ऐसा ही कुछ फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में रहा. इसी साल सितंबर में उन्‍होंने टॉरे पैन पेसिफिक ओपन के लिए क्‍वालीफाई किया और किमको डाटे (1995-चैंपियन) के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली जापानी महिला खिलाड़ी बनीं. जबकि 2016 के डब्‍ल्‍यूटीए अवार्ड में उन्‍हें 'न्‍यूकमर ऑफ द ईयर' चुना गया था.


यही नहीं, साल 2018 में वह कैलफोर्निया में हुई इंडियन वेल्‍स मास्‍टर्स का खिताब जीतने वाली पहली जापानी खिलाड़ी बनीं. इस खिताब को ग्रैंड स्‍लैम के बाद टेनिस जगत में खास जगह दी जाती है.

16 अक्‍टूबर,1997 को जापान के ओसाका सिटी में जन्‍मीं नाओमी बेशक टेनिस के कोर्ट में जापान का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, लेकिन वह जापानी भाषा सिर्फ समझ सकती हैं. जबकि मेजदार बात ये है कि उनकी बड़ी बहन मारी ओसाका भी एक टेनिस खिलाड़ी हैं. जापान में दोनों बहनों की तुलना अमेरिकी की सेरेना-वीनस विलियम्स से की जाती है.

बहरहाल, ऑस्‍ट्रेलियन ओपन से पहले ओसाका ने अमेरिकी ओपन फाइनल में सेरेना विलियम्स को हराया था जब दर्शकों की हूटिंग की वजह से वह रो पड़ी थीं. यह ओसाका का दूसरा ग्रैंड स्‍लैम खिताब है.

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ऑस्‍ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद ओसाका की आंख में खुशी के आंसू थे क्योंकि 1998 में मार्तिना हिंगिस के बाद लगातार दो ग्रैंड स्लैम जीतने वाली वह सबसे युवा खिलाड़ी बन गई. इसके अलावा 2010 में कैरोलिन वोज्नियाकी के बाद सबसे युवा नंबर एक खिलाड़ी भी बनी हैं.
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