सानिया मिर्जा के बेटे को वीजा दिलाने के लिए खेल मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद

सानिया मिर्जा की मदद के लिए आगे आया खेल मंत्रालय ( Sania Mirza/Twitter)

सानिया मिर्जा की मदद के लिए आगे आया खेल मंत्रालय ( Sania Mirza/Twitter)

सानिया मिर्जा (Sania Mirza) 6 जून से नॉटिंघम ओपन, 14 जून से बर्मिंघम ओपन और 28 जून को विम्बलडन में हिस्सा लेंगी

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नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक से पहले इंग्लैंड में कई टूर्नामेंट खेलने जा रही टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) के दो साल के बेटे के वीजा के लिये खेल मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है . सानिया को छह जून से नाटिंघम ओपन, 14 जून से बर्मिघम ओपन , 20 जून से ईस्टबोर्न ओपन और 28 जून से विम्बलडन में भाग लेना है.

मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा ,'खेल मंत्रालय की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना ( टॉप्स ) में शामिल सानिया ने मंत्रालय से अपने बेटे और उसकी देखभाल करने वाले के लिये वीजा दिलाने में मदद की अपील की है .सानिया ने कहा कि वह अपने दो साल के बेटे को अकेले छोड़कर एक महीने के लिये यात्रा नहीं कर सकती .'

सानिया मिर्जा के लिए खेल मंत्री ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद

इसमें कहा गया ,'मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय से लंदन स्थित भारतीय दूतावास के जरिये इस मामले में मदद की अपील की है .' खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ,' मैने अनुरोध को मंजूरी दे दी और खेल मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं . हमें उम्मीद है कि ब्रिटिश सरकार बच्चे को सानिया के साथ यात्रा करने की अनुमति देगी .'
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बता दें हाल ही में सानिया मिर्जा ने खुलासा किया था कि 2008 बीजिंग ओलंपिक में चोट के चलते बाहर होने की वजह से वो डिप्रेशन में आ गई थीं. उन्होंने बताया कि वो 3 से 4 महीने तक तनाव में थीं. सानिया ने कहा कि वो बिना किसी कारण रोने लगती थीं और उनकी आंखों से आंसू आते रहते थे. सानिया मिर्जा एक महीने तक कमरे में बंद रहीं और उन्हें लगा कि वो कभी टेनिस नहीं खेल पाएंगी. हालांकि सानिया मिर्जा ने उसके बाद दमदार वापसी की और देश का नाम रोशन किया. (भाषा के इनपुट के साथ)

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