फिर परवान चढी़ टेनिस स्टार सानिया की सनसनी

सानिया ने फ्रेंच ओपन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल के फाइनल में पहुंचकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।

सानिया ने फ्रेंच ओपन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल के फाइनल में पहुंचकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।

सानिया ने फ्रेंच ओपन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल के फाइनल में पहुंचकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।

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नई दिल्ली। कलाई की चोट और खराब फार्म के कारण भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को कुछ महीने पहले तक आलोचकों ने चुका हुआ मान लिया था। लेकिन सानिया ने फ्रेंच ओपन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल के फाइनल में पहुंचकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।

सानिया और उनकी रूसी जोडी़दार एलेना वेस्नीना को फ्रेंच ओपन में सातवीं वरीयता मिली थी और उन्होंने क्वार्टरफाइनल में टाप सीड जोडी़ गिसेला डुल्को और फ्लाविया पैनेटा को हराने के बाद सेमीफाइनल में चौथी सीड अमेरिकी जोडी़ लीजल ह्यूर और लीसा रेमंड को 6-3, 2-6, 6-4 से हराकर फाइनल में स्थान बना लिया।

सानिया किसी ग्रैंड स्लेम के महिला युगल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाडी़ बन गई हैं। सानिया का यह तीसरा ग्रैंड स्लेम फाइनल है। इससे पहले वह हमवतन महेश भूपति के साथ 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिश्रित युगल का खिताब जीत चुकी हैं और 2008 में भूपति के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन में मिश्रित युगल में उपविजेता रही थीं।



साल 2007 में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 27वीं रैंकिंग में पहुंचने के बाद सानिया को पिछले दो वर्षों में चोटों के कारण खासा नुकसान उठाना पडा़। इस साल के शुरू में उनकी रैंकिंग 141 तक पहुंच गई थी। उन्हें कई टूर्नामेंटों में मुख्य दौर में जगह बनाने के लिए क्वालीफाई दौर से गुजरना पड़ता था।
सानिया ने इस वर्ष अपने खेल में सुधार करते हुए एकल में 72वीं रैंकिंग तक पहुंच गई हैं। उन्हें दुबई और कतर ओपन में वाइल्ड कार्ड मिला था जबकि वर्ष के पहले ग्रैंड स्लेम ऑस्ट्रेलियन ओपन में वह तीन मैच जीतकर मुख्य ड्रा में पहुंची थीं।
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