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Olympics 2020: जोकोविच गोल्डन ग्रैंडस्लैम के और करीब पहुंचे, गोल्ड जीते तो महानतम टेनिस खिलाड़ी कहलाएंगे!

Olympics 2020: जोकोविच गोल्डन ग्रैंडस्लैम के और करीब पहुंचे, गोल्ड जीते तो महानतम टेनिस खिलाड़ी कहलाएंगे!

Tokyo Olympics: नोवाक जोकोविच की वर्ल्ड रैंकिंग 1 है. (AP)

Tokyo Olympics: नोवाक जोकोविच की वर्ल्ड रैंकिंग 1 है. (AP)

Tokyo Olympics 2020: नोवाक जोकोविच टोक्यो ओलंपिक के तीसरे राउंड में पहुंच गए हैं. नोवाक ने 2021 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन की ट्रॉफी अपने नाम की है. अगर वे ओलंपिक गोल्ड जीत लेते हैं तो ‘गोल्डन ग्रैंडस्लैम’ (Golden Grand Slam) हासिल करने के बेहद करीब पहुंच जाएंगे.

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नई दिल्ली. नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) टेनिस की बुलंदियों पर हैं. उन्होंने इस खेल की हर वो ऊंचाई नाप ली है, जहां तक कोई और पहुंचा हो. लेकिन अब वे मुट्ठी भर आसमान से संतुष्ट होने वाले नहीं है. अब उनका इरादा सारा आकाश नापने का है. नोवाक इसी इरादे के साथ टोक्यो (Tokyo Olympics) पहुंचे हैं. चिड़िया की आंख की तरह उनका लक्ष्य ओलंपिक (Olympics) में गोल्ड जीतना है. अगर वे ऐसा कर पाते हैं तो उस ख्वाब को सच करने के बेहद करीब पहुंच जाएंगे, जो टेनिस इतिहास में किसी भी पुरुष खिलाड़ी की पहुंच से दूर रहा है.

हम बात कर रहे हैं ‘गोल्डन ग्रैंडस्लैम’ की. टेनिस में जब कोई खिलाड़ी एक ही साल में चारों ग्रैंडस्लैम और ओलंपिक गोल्ड जीते, तो इसे ‘गोल्डन ग्रैंडस्लैम’ (Golden Grand Slam) या ‘गोल्डन स्लैम’ (Golden Slam) कहा जाता है. इस धरती पर एक ही इंसान है, जो इस सपने को साकार सका है. नाम है स्टेफी ग्राफ (Steffi Graf). जर्मनी के लिए खेलते हुए इस खिलाड़ी ने 1988 में ओलंपिक गोल्ड और चारों ग्रैंडस्लैम जीते थे. तब उनकी इस उपलब्धि को ‘गोल्डन स्लैम’ नाम दिया गया था. पुरुष खिलाड़ियों में आज तक कोई भी ‘गोल्डन ग्रैंडस्लैम’ नहीं जीत सका है.

रोजर-राफा के लिए ‘गोल्डन स्लैम’ दिवास्वप्न जैसा
नोवाक जोकोविच ने 2021 में अब तक ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन की ट्रॉफी अपने नाम की है. अब उनके नाम 20 ग्रैंडस्लैम खिताब हैं. रोजर फेडरर और राफेल नडाल के नाम भी इतने ही खिताब हैं. लेकिन ये दोनों खिलाड़ी अलग-अलग कारणों से टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में नहीं उतरे हैं. इसके साथ ही तय हो गया है कि ना तो रोजर और ना ही राफेल कभी ‘गोल्डन स्लैम’ जीत पाएंगे. वजह रोजर अब 39 और राफा 35 साल के हैं. ऐसे में रोजर और राफा के 2024 में ‘गोल्डन स्लैम’ पूरा करने की उम्मीद दिवास्वप्न जैसी ही कही जाएगी.

जोकोविच का शुरुआती ड्रॉ आसान
क्या नोवाक जोकोविच ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतेंगे? इस सवाल का जवाब हां या ना में देना मुश्किल है. हां, हम खिलाड़ियों की फॉर्म, फिटनेस, रिकॉर्ड और रैंकिंग के आधार पर इसका अंदाजा जरूर लगा सकते हैं. एटीपी रैंकिंग में टॉप-20 खिलाड़ियों में 10 खिलाड़ी ही टोक्यो ओलंपिक में उतर रहे हैं. इससे बड़े खिलाड़ियों के लिए शुरुआती ड्रॉ आसान मिला है. टॉप सीड फेडरर ने पहले राउंड में बोलीविया के ह्यूगो डेलियन और दूसरे राउंड में जर्मनी के जान लेनार्ड स्ट्रफ को सीधे सेटों में हराया. तीसरे राउंड में उनका मुकाबला 16वीं वरीयता प्राप्त स्पेन के अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा.

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क्वार्टर फाइनल में ज्वेरेव से मुकाबला संभव
वर्ल्ड नंबर-1 नोवाक जोकोविच को क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ना पड़ सकता है. ज्वेरेव की वर्ल्ड रैंकिंग 5 है. इन दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 8 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 6 नोवाक के नाम रहे हैं. ज्वेरेव ने उन्हें पहली बार 2017 और दूसरी व अंतिम बार 2018 में हराया था.

थकान बन सकती है रुकावट
नोवाक जोकोविच के गोल्डन स्लैम के रास्ते में सबसे बड़ा खतरा थकान बन सकती है. पिछले दो महीने में उन्होंने फ्रेंच ओपन और विंबलडन जीता है. विंबलडन के आखिरी तीन मैचों में उन पर थकान हावी दिखी थी. जिस खिलाड़ी के सामने बड़े-बड़े दिग्गज पानी भरते हैं, वे सेमीफाइनल में शापावलोव के सामने संघर्ष करते दिखे थे. इसके बाद फाइनल में बेरेटिनी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी. इन दोनों ही मुकाबलों में नोवाक को अपने सर्विस गेम जीतने के लिए जितना संघर्ष करना पड़ा था, उतना पिछले कुछ सालों में शायद ही लगा हो.

Tags: Novak Djokovic, Olympics, Olympics 2020, Sports news, Steffi Graf, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020, ओलंपिक

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