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Tokyo Olympics: किसान की बेटी गुरजीत कौर ने नॉकआउट मुकाबलों में 4 गोल दाग रचा इतिहास, भारत पदक से चूका

Tokyo Olympics: किसान की बेटी गुरजीत कौर ने नॉकआउट मुकाबलों में 4 गोल दाग रचा इतिहास, भारत पदक से चूका

Tokyo Olympics: भारतीय कप्तान रानी रामपाल के साथ गुरजीत कौर. गुरजीत ने ब्रिटेन के खिलाफ दो गोल दागे, पर भारत पदक से चूक गया. (फोटो-ap)

Tokyo Olympics: भारतीय कप्तान रानी रामपाल के साथ गुरजीत कौर. गुरजीत ने ब्रिटेन के खिलाफ दो गोल दागे, पर भारत पदक से चूक गया. (फोटो-ap)

Tokyo Olympics: इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Womens Hockey Team) का पहला ओलंपिक पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया. टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक के मुकाबले में ब्रिटेन ने भारत को 4-3 से हराया. इस मुकाबले में भारत की तरफ से गुरजीत कौर (Gurjit Kaur) ने दो जबकि वंदना कटारिया (Vandana Katariya) ने एक गोल दागा.

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    नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian Women Hockey Team) ने ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा लेकिन पदक जीतने से चूक गईं. ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में ब्रिटेन ने भारत को 4-3 से हराया. भारतीय टीम टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में चौथे स्थान पर रही. भारत को इस मुकाम तक पहुंचाने में कप्तान रानी रामपाल (Rani Rampal), वंदना कटारिया (Vandana Kataria), गुरजीत कौर (Gurjit Kaur) और टीम इंडिया की ‘दीवार’ गोलकीपर सविता पूनिया (Savita Punia) ने अहम भूमिका निभाई. पहला ओलंपिक खेल रही 25 वर्षीय ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर ने इतिहास रचने में सबसे यादगार प्रदर्शन किया. इस खिलाड़ी ने नॉकआउट मुकाबलों में दबाव के क्षणों में चार गोल दागा.

    भारतीय टीम जब टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने पहुंची थी तो किसी को उनसे सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद नहीं थी. पहले तीन मुकाबलों में भारत को विश्व चैंपियन नीदरलैंड (1-5), जर्मनी (0-2) और ब्रिटेन (1-4) ने हराया. इसके बाद महिला हॉकी टीम ने आयरलैंड को 1-0 से हराकर अगले दौर में जाने की उम्मीद बाकी रखी. इस मुकाबले में कप्तान रानी रामपाल के पास पर नवनीत कौर ने शानदार गोल दागा. भारत का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से हुआ जिसमें टीम ने 4-3 से जीत हासिल की. इस मैच में वंदना कटारिया ने हैट-ट्रिक दागा जबकि एक गोल नेहा गोयल ने किया.

    क्वार्टर फाइनल में गुरजीत ने दिलाई जीत
    अंतिम-आठ में भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ जिसमें टीम इंडिया 1-0 से जीतने में सफल रही. मैच का एकमात्र गोल गुरजीत कौर ने किया. हालांकि सेमीफाइनल में भारत का गोल्ड का सपना अर्जेंटीना ने तोड़ दिया. इस मुकाबले को अर्जेंटीना की टीम ने 2-1 से जीता. इस मुकाबले के दूसरे मिनट में ही गुरजीत कौर ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला थी लेकिन टीम इंडिया अपने लय को कायम नहीं रख पाई.

    ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में दागे दो गोल
    तीसरे स्थान के लिए मुकाबले में एक समय भारतीय टीम ब्रिटेन से दो गोलों से पिछड़ रही थी लेकिन गुरजीत ने दो मिनट के अंदर दो गोल दाग भारत को बराबरी दिला दी. यह नॉकआउट मुकाबलों में गुरजीत का चौथा गोल रहा. उनके अलावा वंदना कटारिया ने ग्रुप स्टेज में तीन और ब्रिटेन के खिलाफ एक गोल दागा.

    गुरजीत ने छठी क्लास से शुरू किया हॉकी खेलना
    पंजाब के अमृतसर के मियादी कलां गांव की रहने वाली गुरजीत सिंह के पिता सतनाम सिंह किसान हैं. उन्होंने गुरजीत और उनकी बड़ी बहन प्रदीप कौर को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए तरनतारन के बोर्डिग स्कूल में भेजा जहां दोनों बहनों की दिलचस्पी हॉकी खेल में जगी. गुरजीत के पिता ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया. जब वह छठी क्लास में थी सतनाम सिंह ने पहली बार हॉकी स्टिक, ट्रैक सूट और जूते लाकर दिए. इसके बाद गुरजीत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

    गुरजीत को पहली बार भारतीय टीम में 2014 में मौका मिला लेकिन वह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई. इसके बाद 2017 में इस खिलाड़ी ने वापसी की और भारतीय टीम का महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई. गुरजीत ने 2018 में एशियन गेम्स में हिस्सा लिया. एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने तब सिल्वर मेडल जीता था. इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में गुरजीत कौर भारतीय टीम का हिस्सा रहीं.

    Tags: Indian Hockey Team, Olympics, Olympics 2020, Rani Rampal, Tokyo 2020, Tokyo Olympics, Tokyo Olympics 2020

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