कोरोना संकट के बीच डब्ल्यूबीसी इंडिया चैंपियनशिप अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

डब्ल्यूबीसी इंडिया चैंपियनशिप भारत में कोरोना संकट के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

डब्ल्यूबीसी इंडिया चैंपियनशिप भारत में कोरोना संकट के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

डब्ल्यूबीसी-इंडिया चैंपियनशिप एक मई को जालंधर की ग्रेट खली अकादमी में होनी थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा है. आयोजक LZ प्रमोशंस के सीईओ परम ने कहा कि भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों और सरकार के दिशा-निर्देशों को देखते हुए पहली चैंपियनशिप बाद में कराने का फैसला लिया है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस का असर खेल और इससे जुड़ी प्रतियोगिताओं पर भी पड़ा है. करीब एक साल तक भारत में कई खेल प्रतियोगिताओं को स्थगित या रद्द किया गया था. धीरे-धीरे टूर्नामेंट होने शुरू हुए थे लेकिन अब फिर से मुश्किल दौर के चलते प्रतियोगिताओं को रद्द करने का फैसला किया गया है. विश्व मुक्केबाजी परिषद (डब्ल्यूबीसी) इंडिया चैंपियनशिप भारत में कोरोना संकट के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जो शनिवार से जालंधर में होनी थी.

पहली डब्ल्यूबीसी भारत चैंपियनशिप एक मई को जालंधर की ग्रेट खली अकादमी में होनी थी. इसमें महिला मुक्केबाज चांदनी मेहरा और सुमन कुमारी का सामना होना था. यह मुकाबला भारत के पहले पेशेवर अमेरिकी मुक्केबाजी टूर्नामेंट का हिस्सा था जिसे भारतीय मुक्केबाजी परिषद से मंजूरी मिली थी.

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आयोजक एलजेड प्रमोशंस के सीईओ परम गोराया ने कहा, ‘भारत में कोरोना संक्रमण के बढते मामलों और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों को देखते हुए हमने पहली डब्ल्यूबीसी भारत चैंपियनशिप बाद में कराने का फैसला लिया है.’ डब्ल्यूबीसी इंडिया चैंपियनशिप पुरुषों और महिलाओं की श्रेणी में पहला टाइटल कार्ड है. देश को वैश्विक स्तर पर पेशेवर मुक्केबाजी मुकाबलों को मंजूरी देने वाले चार प्रमुख संगठनों में से एक डब्ल्यूबीसी ने इस टूर्नामेंट को अनुमोदित किया था. परम ने आगे कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी को इस मुश्किल वक्त में सुरक्षित रखने की है.
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