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Olympics Countdown Days 146 Days: जब साक्षी मलिक बनीं ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली महिला पहलवान

News18Hindi
Updated: February 29, 2020, 3:36 PM IST
Olympics Countdown Days 146 Days: जब साक्षी मलिक बनीं ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली महिला पहलवान
साक्षी मलिक ने रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था

जब साक्षी मलिक ने रियो में रचा था इतिहास, जीता था कुश्ती में ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडल

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  • Last Updated: February 29, 2020, 3:36 PM IST
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नई दिल्ली. हिंदुस्तान को ओलिंपिक में 28वां मेडल मिला कुश्ती के अखाड़े में, जिसे भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने बेहद ही करिश्माई अंदाज में हासिल किया. किसी को यकीन नहीं था कि एक गुमनाम सी पहलवान रियो ओलिंपिक में इतिहास रचेगी और अपने नाम कांस्य पदक हासिल करेगी. आइए बताते हैं कैसे मिली साक्षी को करामाती जीत.

साक्षी मलिक की गजब जीत
रियो ओलंपिक (Rio Olympics) का 12वां दिन था और इसी दिन वो करिश्मा हुआ जिसे देख हर हिंदुस्तानी हैरत में रह गया. साक्षी मलिक 58 किलोग्राम भारवर्ग में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं लेकिन यहां वो रूस की पहलवान कोबलोवा झोलोबोवा वालेरिया से हार गई. साक्षी को लगा कि उनका सपना टूट चुका है लेकिन ऐसा नहीं था, क्योंकि इसके बाद ही करिश्माई हुआ.

साक्षी मलिक जिस रूसी पहलवान से हारीं वही कोबलोवा फाइनल तक पहुंच गई और इसके कारण साक्षी को कांस्य पदक के लिए रेपेचेज मुकाबले में हिस्सा लेने का मौका मिल गया. कांस्य पदक के लिए साक्षी को दो मैच जीतने थे और उन्होंने दोनों ही मैच जीत भारत को मेडल दिला दिया



रेपेचेज में ऐसे जीतीं साक्षी
रेपेचेज राउंड में साक्षी (Sakshi Malik) का पहला मुकाबला मंगोलिया की ओरखोन पुरेवदोर्ज से हुआ. मुकाबले के पहले हाफ में साक्षी ने शुरुआत से ही 2 अंको की बढ़त ले ली, हालांकि कुछ ही देर में ओरखोन ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया. दूसरे हाफ में साक्षी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ओरखोन को 12-3 से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया.

दूसरे मुकाबले में साक्षी मलिक (Sakshi Malik) के सामने थीं किर्गिस्तान की पहलवान एसुलू तिनिवेकोवा. एसुलू ने शुरुआत से ही साक्षी पर दवाब बनाते हुए पहले राउंड अंत तक 5 अंकों की बढ़त ले ली, इसके बाद दूसरे राउंड में साक्षी ने जबर्दस्त वापसी की.  साक्षी ने इस अंतर को पहले 4-5 तक पहुंचाया और उसके बाद साक्षी ने इस मुकाबले को 8-5 से अपने नाम कर लिया. इस तरह साक्षी ओलिंपिक में कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं. यह ओलिंपिक खेलों में भारत का महिला कुश्ती में पहला तथा कुल मिलाकर पांचवां पदक था.

3 सितंबर 1992 को हरियाणा के रोहतक में जन्मीं साक्षी (Sakshi Malik) ने ओलिंपिक से पहले ही 2015 एशियन चैंपियनशिप में कांस्य जीत अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी थी. 2015 दोहा एशियन गेम्स में साक्षी ने 60 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था. इसके बाद दिल्ली में साल 2017 में वो सिल्वर मेडल जीतीं और 2018, 2019 में वो कांस्य पदक जीतीं.

साक्षी को मिला सम्मान
साल 2017 में साक्षी को देश ने पद्म सम्मान दिया. रियो ओलिंपिक में जीते कांस्य पदक के बाद उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया. वहीं साल 2016 में उन्हें खेल के सबसे बड़े सम्मान खेल रत्न से नवाजा गया.

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First published: February 29, 2020, 3:36 PM IST
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