बॉक्सिंग: यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में महिला खिलाड़ियों का रिकॉर्ड प्रदर्शन, पहली बार जीते 7 गोल्ड मेडल

थोकचोम सानामाचू चानू ने 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता. (BFI Teitter)

थोकचोम सानामाचू चानू ने 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता. (BFI Teitter)

यूथ बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप (youth boxing world championship) में 8 भारतीय खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे थे. सभी 7 महिला खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल जीते. एकमात्र पुरुष कैटेगरी का फाइनल 23 अप्रैल को होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 1:00 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय महिला मुक्केबाजों ने पोलैंड के किलसे में चल रही यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में दबदबा बनाते हुए सात गोल्ड मेडल जीते. गीतिका (48 किग्रा), बेबीरोजिसाना चानू (51 किग्रा), पूनम (57 किग्रा), विन्का (60 किग्रा), अरूंधति चौधरी (69 किग्रा), थोकचोम सानामाचू चानू (75 किग्रा) और अल्फिया पठान (+03) ने गोल्ड जीते. गीतिका ने पोलैंड की नटालिया कुस्जेवस्का पर और बेबीरोजिसाना ने रूस की वालेरिया लिंकोवा पर 5-0 के समान अंतर से जीत हासिल की.

इसके बाद पूनम ने फ्रांस की स्थेलिन ग्रोसी को 5-0 से हराया जबकि रैफरी ने कजाखस्तान की खुलदिज शायाखमेतोवा के खिलाफ अंतिम दौर में मुकाबला बीच में रोककर विन्का को विजेता घोषित किया. अरूधंति के सामने स्थानीय प्रबल दावेदार मार्सिंकोवस्का ने कोई चुनौती पेश नहीं की और इस भारतीय ने फाइनल में 5-0 से आसान जीत दर्ज की. सानामाचा चानू ने कजाखस्तान की डाना डिडे को शिकस्त दी. इसके साथ ही भारतीय महिला मुक्केबाजों ने आयु वर्ग की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में गुवाहाटी में 2017 चरण के प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया, जिसमें उसने 5 गोल्ड मेडल जीते थे.

मैरीकॉम अकादमी की बेबीरोजिसाना को भी गोल्ड

गीतिका ने दबदबा बनाते हुए अपनी कमजोर प्रतिद्वंद्वी को पस्त किया. गीतिका का फुटवर्क भी शानदार रहा. इससे कुस्जेवस्का मुक्के सही जगह पर नहीं जड़ सकी और उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी की आक्रामकता के सामने घुटने टेक दिए. मणिपुर में एमसी मैरीकॉम अकादमी की बेबीरोजिसाना ने रूसी मुक्केबाज के खिलाफ शुरूआती राउंड में एक दूसरे की रणनीति को समझने में समय लगाया. दूसरे राउंड में मणिपुरी मुक्केबाज ने शानदार मुक्के जड़े और रूसी मुक्केबाज को अपनी लंबाई का फायदा नहीं उठाने दिया. फिर तीसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज ने हमले तेज कर जीत हासिल की. इसके बाद पूनम और विन्का ने भी अपनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ दबादबा बनाते हुए गोल्ड मेडल जीते.
खिलाड़ियाें ने अधिकांश समय ऑनलाइन ट्रेनिंग की थी

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘यह हमारे युवा मुक्केबाजों का शानदार प्रयास है, विशेषकर तब जब हमारे खिलाड़ियों ने पिछले एक साल में अधिकांश समय अपने घरों में बिताया है. सिर्फ ऑनलाइन ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा लिया.’ उन्होंने कहा कि अड़चनों और चुनौतियों के बावजूद हमारे कोचों और सहयोगी स्टाफ ने शानदार काम किया. भारत के आठ मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई, जिसमें सात महिला मुक्केबाज शामिल हैं. फाइनल में जगह बनाने वाले एकमात्र पुरुष मुक्केबाज सचिन (56 किग्रा) शुक्रवार को रिंग में उतरेंगे.
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