लाइव टीवी

जम्‍मू-कश्‍मीर: आज हिरासत से रिहा होंगे 3 नेता, शांति बनाए रखने का देना होगा शपथ पत्र

भाषा
Updated: October 10, 2019, 11:24 AM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर: आज हिरासत से रिहा होंगे 3 नेता, शांति बनाए रखने का देना होगा शपथ पत्र
जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से हिरासत में थे नेता.

जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu kashmir) से आर्टिकल 370 हटने के बाद यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन समेत अन्‍य को हिरासत में लिया गया था. तीनों को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद गुरुवार को रिहा किया जाएगा.

  • Share this:
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu kashmir) राज्य का विशेष दर्जा (Article 370) पांच अगस्त को समाप्त किए जाने के बाद से हिरासत (Custody) में लिए गए तीन नेताओं को गुरुवार को रिहा करेगा. अधिकारियों ने बुधवार रात यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने समेत विभिन्न आधार पर रिहा किया जाएगा.

मीर पीडीपी के राफियाबाद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं, जबकि लोन ने कांग्रेस के टिकट से उत्तर कश्मीर से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने बाद में कांग्रेस छोड़ दी थी. उन्हें पीपुल्स कांफ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन का करीबी माना जाता है.

देना होगा शपथ पत्र
नूर मोहम्मद नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकर्ता हैं. अधिकारियों ने बताया कि रिहा किए जाने से पहले नूर मोहम्मद एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर शांति बनाए रखने एवं अच्छे व्यवहार का वादा करेंगे. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के पांच अगस्त के फैसले के बाद नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों समेत हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था.

हर रोज होती है बैठक 
प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल 5 अगस्त से शाम 6 बजे से 8 बजे तक रोजाना दो घंटे के लिए स्थिति-सह-सुरक्षा समीक्षा बैठकें कर रहे हैं. बैठक में शुरू में संवैधानिक बदलावों के मद्देनजर प्रतिबंध लगाने के बाद सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया. प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति और सुरक्षा समीक्षा बैठकों में अतीत में लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में उच्च माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को फिर से खोलना, सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करना और अतिरिक्त यात्रा काउंटर खोलना शामिल हैं.

संचार सेवाओं पर रोक और सुरक्षा कारणों के चलते डर रहे परिजन
Loading...

घाटी के अधिकतर हिस्सों में बंद और संचार सेवाओं पर रोक के चलते सुरक्षा कारणों से परिजन अपने बच्चों को स्कूल या कॉलेज नहीं भेज रहे हैं.5 अगस्त के बाद से लगातर कश्मीर में आम जनजीवन बाधित रहा. शहर में सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे, लेकिन 9-10 अक्टूबर को जहांगीर चौक पर निजी वाहनों की आवाजाही के चलते भीषण जाम देखा गया.  (PTI इनपुट)

यह भी पढ़ें: Kashmir: फिर से खुले कॉलेज लेकिन नहीं पहुंचे छात्र, लोगों ने भी दुकानें बंद कर जताया विरोध

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 10, 2019, 8:54 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...