पुडुचेरी में 'राज्यपाल Vs सरकार': किरण बेदी बोलीं- मिलने की बजाय धरने पर बैठे हैं CM नारायणसामी

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के धरने पर बैठने के बाद किरण बेदी ने ट्वीट कर आरोप लगया है कि उन्हें मिलने का समय दिए जाने के बावजूद भी वह धरने पर बैठे हैं.

News18Hindi
Updated: February 15, 2019, 4:03 PM IST
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पुडुचेरी में सियासी ड्रामा जारी है. मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. इस बीच राज्यपाल किरण बेदी ने ट्वीट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. किरण बेदी ने कहा है कि उन्हें 36 मुद्दों को लेकर 7 फरवरी को एक चिट्ठी गई थी, जो उन्हें 8 फरवरी को मिली. इस चिट्ठी में कहीं भी ये नहीं लिखा था कि 13 तारीख तक जवाब नहीं दिया गया, तो मुख्यमंत्री धरने पर बैठ जाएंगे. किरण बेदी का कहना है कि उन्हें किसी काम से 20 फरवरी तक बाहर जाना था और मुख्यमंत्री वी नारायणसामी को इस बारे में बताते हुए 21 फरवरी को 10 बजे मिलने के लिए कहा भी गया था. ताकि सभी मुद्दों पर बातचीत की जा सके. बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने धरना शुरू कर दिया और अब भी धरने पर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लोगों को हेलमेट नहीं पहनने दे रहे हैं.

 





CM और LG विवाद: किरण बेदी के घर के बाहर ही सो गए विरोध प्रदर्शन कर रहे मुख्यमंत्री
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इधर, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया है. यहां तक कि पिछली रात बुधवार को मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ राज निवास के बाहर ही सो गए. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री की मांग है कि मुफ्त चावल बांटने की योजना सहित 39 सरकारी प्रस्तावों को उपराज्यपाल मंजूरी दें. कांग्रेस और डीएमके के विधायक भी राज निवास के बाहर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हैं. राज निवास उपराज्यपाल का आधिकारिक कार्यालय सह निवास स्थान है.

 



आरोप है कि विभिन्न मामलों पर उनकी स्वीकृति के लिए भेजी गईं फाइलों को उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया. उनके इसी नकारात्मक रुख के विरोध में मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी मंत्री काली कमीज में राज निवास के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों एवं जरूरतमंदों के उत्थान के लिए सरकारी प्रस्तावों को लगातार खारिज किया जा रहा है और वो इसका कड़ा विरोध करते हैं.

नारायणसामी ने कहा कि जागरूकता फैलाए बगैर किरण बेदी ने अपने हाल के फैसले में लोगों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है, जो 'साफ तौर पर उनकी मनमानी और लोगों को प्रताड़ित करने का मामला प्रतीत होता है.' राज्य सरकार ने इस संबंध में पहले लोगों में जागरुकता फैलाने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए पिछले कुछ सप्ताह में उन्हें 39 सरकारी प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन उन्होंने इन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं दी.

आपको बता दें कि धरने की वजह से किरण बेदी राजनिवास से बाहर नहीं निकल पा रही हैं. इसे लेकर उन्होंने सीएम नारायणसामी को चिट्ठी भी लिखी है. जिसे उन्होंने ट्विटर पर शेयर भी किया है. उन्होंने चिट्ठी में कहा है कि आपको धरने पर बैठने के बजाय मिलना चाहिए था. आप एक पत्र लिखते और राजनिवास की नाकाबंदी से पहले मेरे जवाब का इंतजार करते. इस नाकेबंदी के कारण आम जनता को भारी असुविधा हो रही है.

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