अपने स्मार्टफोन से फौरन डिलीट कर दें ये 17 खतरनाक ऐप्स, Google ने किया बैन

17 खतरनाक ऐप्स को गूगल ने बैन कर दिया है.
17 खतरनाक ऐप्स को गूगल ने बैन कर दिया है.

ये 17 ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर अब मौजूद नहीं हैं और अब इन्हें डाउनलोड नहीं किया जा सकता है. लेकिन अगर इनमें से कोई भी ऐप आपके फोन में पहले से मौजूद हैं तो फौरन डिलीट कर दें. देखें लिस्ट...

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2020, 3:19 PM IST
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जुलाई से सितंबर के दूसरे हफ्ते के बीच गूगल ने प्ले स्टोर (google play store) से 17 वायरस इंफेक्टेट ऐप्स (virus apps) को डिलीट किया था. इसमें से 11 ऐप्स को जुलाई के महीने में और बाकी 6 ऐप्स को पिछले हफ्ते हटाया गया है. ये 17 ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर अब मौजूद नहीं हैं और अब इन्हें डाउनलोड नहीं किया जा सकता है. दरअसल 17 ऐप्स में नया वेरिएंट मैलवेयर जोकर (joker malware) पाया गया था.

चेक पॉइंट के रिसर्चर्स ने जुलाई में 11 ऐप्स को स्पॉट किया था, जो वायरस से प्रभावित पाई गईं. रिपोर्ट को मुताबिक गूगल इन ऐप्स को 2017 से ट्रैक कर रहा था. 11 ऐप्स को डिलीट करने के बाद ये खतरनाक जोकर मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर की 6 नई ऐप में पाया गया, जिसे हटा दिया गया है.

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साइबर सिक्योरिटी फर्म Pradeo के मुताबिक प्ले स्टोर से हटाने से पहले इन 6 ऐप्स को करीब 200,000 बार डाउनलोड किया गया है. आइए जानते हैं कौन सी हैं वह 17 ऐप्स...
>>com.imagecompress.android
>>com.contact.withme.texts
>>com.hmvoice.friendsms
>>com.relax.relaxation.androidsms
>>com.cheery.message.sendsms
>>com.peason.lovinglovemessage
>>com.file.recovefiles
>>com.LPlocker.lockapps
>>com.remindme.alram
>>com.training.memorygame
>>Safety AppLock
>>Convenient Scanner 2
>>Push Message- Texting & SMS
>>Emoji Wallpaper
>>Separate Doc Scanner
>>Fingertip GameBox

ये 17 ऐप्स फिलहाल प्ले स्टोर पर मौजूद नहीं है, लेकिन अगर इनमें से कोई भी ऐप आपके फोन में पहले से मौजूद हैं तो फौरन डिलीट कर दें.

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Checkpoint के रिसर्चर्स ने जोकर मैलवेयर का नया वेरिएंट डिस्कवर किया है, जो कि ऐप्स में छुप जाते हैं. ये नया अपडेटेड जोकर मैलवेयर डिवाइस में कई और मैलवेयर डाउनलोड कर सकता है, जो बदले में यूज़र के परमिशन के बिना उसे प्रीमियम सर्विस का मेंबर बना देता है. यानी कि हैकर्स इन प्रभावित ऐप्स के ज़रिए चुपचाप प्रीमियम सर्विस का सब्सक्रिप्शन ले लेते हैं, और इसके बारे में यूज़र्स को कुछ नहीं पता चल पाता.
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