भारत में हर मिनट होते हैं 1,852 साइबर अटैक: मुंबई, दिल्ली टॉप पर...

इस साल अब तक हुए साइबर अटैक से देश भर के चार महानगर (metropolitans) मुंबई, (Mumbai) दिल्ली, (Delhi) बंगलुरू (Bengaluru) और कोलकाता (Kolkata) सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 3:12 PM IST
भारत में हर मिनट होते हैं 1,852 साइबर अटैक: मुंबई, दिल्ली टॉप पर...
साइबर अटैक
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Updated: September 4, 2019, 3:12 PM IST
इंडियन साइबर सिक्योरिटी रिसर्च (Indian Cyber Security Research) और सॉफ्टवेयर फर्म (software firm) क्विक हील (Quick Heal) ने 2019 की अनुअल थ्रेट रिपोर्ट (Annual threat repost 2019) जारी की है. इस रिपोर्ट में 2019 में हुए साइबर अटैक (cyber attack) की जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात यह है कि 2019 में हुए साइबर अटैक से देश भर के चार महानगर (metropolitans) मुंबई, (Mumbai) दिल्ली, (Delhi) बंगलुरू (Bengaluru) और कोलकाता (Kolkata) सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.

इसमें सबसे पहले नंबर पर मुंबई, दूसरे पर दिल्ली, फिर बंगलुरू और उसके बाद कोलकाता है. रिपोर्ट में बताया गया कि महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल तीन ऐसे राज्य हैं, जिसमें साइबर अटैक के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं.

रिपोर्ट में साइबर अटैक के आंकड़ों को समझाने के लिए दो सॉफ्टवेयर डिविजन में बांटा गया है, विंडोज़ और एंड्रॉयड. विंडोज़ डिवाइसेज़ में इस दौरान 9 लाख 73 हज़ार अटैक हुए. इसका मतलब पूरे साल हर मिनट 1,852 विंडोज़ डिवाइस इससे प्राभिवित हुईं. भारत में होने वाले साइबर अटैक ट्रोजन्स वायरस (Trojans) से किए गए हैं. इसमे दूसरे नंबर पर स्टैंडअलोन (Standalone) और तीसरे पर इंफेक्टर्स (Infectors) है, जिससे 2019 में भारत में साइबर हमले किए गए.



हर 14 मिनट में एक कंप्यूटर होता है प्रभावित
इसमें रैनसमवेयर (Ransomware) के ज़रिए होने वाले बहुत कम मामले सामने आए हैं. बताया गया कि रैनसमवेयर से हर 14 मिनट में एक कंप्यूटर प्रभावित होते हैं. आगे कहा गया कि साइबर अटैक करने वाले 10 टूल में से 6 ट्रोजंस वायरस के होते हैं.

एंड्रॉयड की बात करें तो इसपर विंडोज़ के मुकाबले इसपर कम साइबर अटैक होते हैं. एंड्रॉयड पर सबसे ज़्यादा डाउनलोडे हुई अनचाही ऐप्लिकेशंस, डुब्लिकेट या मैलिशियस ऐप्स के ज़रिए साइबर अटैक किए जाते हैं. इनके ज़रिए एंड्रॉयड फोन कम से कम हर तीन मिनट में प्रभावित होते हैं. क्विक हील ने रिपोर्ट में बताया कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद सबसे खतरनाक मैलवेयर और ऐडवेयर ऐप हैं.

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First published: September 4, 2019, 2:05 PM IST
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