चीन के 5G और 6G टेक्नोलॉजी सपने को अमेरिका ने किया चकनाचूर! बनाया ये सीक्रेट प्लान

चीन के 5G और 6G टेक्नोलॉजी सपने को अमेरिका ने किया चकनाचूर! बनाया ये सीक्रेट प्लान
क्या दुनिया की बड़ी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हमें आसानी से आत्मनिर्भर हो जाने देंगी? (सांकेतिक तस्वीर)

चीन 5G की टेक्नोलॉजी पर अपनी पकड़ बना चुका है फिर भी उसके लिए लगने वाले अत्याधुनिक सेमीकंक्टर के लिए वह अमेरिका पर निर्भर रहता है. पिछले कुछ सालों से चीन सेमीकंडक्टर बनाना चाहता है लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिली है.

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कोरोना (Coronavirus) के संक्रमण पर जानकारी छिपाने के कारण अमेरिका (America) सहित अनेक देश चीन (China) से नाराज़ हैं. चीन अगले 10 सालों में 5G और 6G टेक्नोलॉजी से पूरी दुनिया में अपनी बादशाहत कायम करना चाहता है. कहा जाता है कि ये चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सपना है लेकिन अमेरिका ने उनके सपने को चकनाचूर करने की योजना बनाई है. चीन के आक्रामक विस्तारवादी नीति के कारण चीन के विरुद्ध सारे विश्व में गुस्ता व्याप्त है. वहीं डिजिटल विश्व पर बादशाहत कायम करने के उसके स्वप्न में सेमीकंडक्टर की कमी एक अड़चन बनने वाली है.

महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक अमेरिका और उसके मित्र देशों ने चीन को सेमीकंडक्टर के लिए लगने वाला कच्चा माल देने से इनकार कर दिया है. चीन 5G की टेक्नोलॉजी पर अपनी पकड़ बना चुका है फिर भी उसके लिए लगने वाले अत्याधुनिक सेमीकंक्टर के लिए वह अमेरिका पर निर्भर रहता है. पिछले कुछ सालों से चीन सेमीकंडक्टर बनाना चाहता है लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिली है. वहीं मेड इन चाइना सेमीकंडक्टर में कई तकनीकी कमी है जिसकी वजह से उसे दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है.

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ब्रिटेन के टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस चिप के बिना और उससे संबंधित साधन के बिना चीन 5जी टेक्नोलॉजी में विश्व में अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर सकता है. इतना ही नहीं वह टेलीकॉम टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सेक्टर में भी आगे नहीं रह पायेगा. इस तरह 2030 तक इंटरनेट और उससे संबंधित तकनीकी पर नियंत्रण कायम करने का चीन का सपना अधूरा रह जायेगा.



अमेरिका ने पिछले महीने इस संबंध में चीन को झटका दिया है. चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ताइवान की टीएसएमसी ने चीन की हुवाई कंपनी  की ओर से ऑर्डर लेना बंद कर दिया है, जिसकी वजह से हुवाई कंपनी को बड़ा झटका लगा है.

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ताइवान की इस कंपनी के पास हुवावे की तरफ से बड़े ऑर्डर आते हैं. हुवावे विश्व की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी और स्मार्टफोन बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. हुवावे चिप के लिए पूरी तरह से ताइवान पर निर्भर है. हुवावे के कई अच्छे फोन में ताइवान की इसी कंपनी के चिप लगे हुए हैं. अमेरिका के प्रतिबंध के बाद हुवावे ताइवान की कंपनी की मदद से काम कर रही थी. अब ताइवान की कंपनी द्वारा हुवावे को चिप की आपूर्ति नहीं किए जाने की वजह से उसकी अड़चने बढ़ गई हैं.
First published: June 6, 2020, 2:29 PM IST
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