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5g auction why 700mhz band is important for you and telecom company know

Jio ने हासिल किया 700Mhz बैंड, आपको क्या होगा फायदा, टेलीकॉम कंपनी के लिए क्यों जरूरी है यह

क्यों जरूरी है 700Mhz बैंड

क्यों जरूरी है 700Mhz बैंड

5जी की नीलामी में रिलायंस जियो ने 700Mhzबैंड को सबसे अधिक बोली लगाकर हासिल कर लिया है. यह ग्राहक और जियो दोनों के लिए काफी फायदेमंद है. इससे जियो को दूसरी कंपनियों पर बढ़त मिल जाएगी. वहीं ग्राहकों को कम कीमत पर 5जी सेवाएं मिलेंगी.

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हाइलाइट्स

रिलायंस जियो ने नीलामी में 700Mhz बैंड को हासिल कर लिया है.
कंपनी ने सबसे ज्यादा 88,078 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.
700Mhz बैंड से जियो और उसके यूजर्स को काफी फायदा होगा.

नई दिल्ली. भारत में 1 अगस्त को शुरू हुई पहली 5G ऑक्शन खत्म हो गई है. नीलामी से 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए गए हैं. जैसी कि उम्मीद थी नीलामी में सबसे अधिक बोली रिलायंस जियो ने लगाई. कंपनी ने सबसे ज्यादा 88,078 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. इसके बाद एयरटेल, VI (वोडाफोन आइडिया), और अडानी एंटरप्राइजेज ने सबसे अधिक बोली लगाई. इस दौरान 700 मेगाहर्ट्ज बैंड, जो एक सब-गीगाहर्ट्ज बैंड है, नीलामी का सबसे हॉट टॉपिक रहा.

नीलामी में रिलायंस जियो ने इस सब-गीगाहर्ट्ज बैंड को सबसे अधिक बोली लगाकर हासिल कर लिया है और यह भारती एयरटेल और VI जैसी अन्य दूरसंचार कंपनियों के लिए अच्छी खबर नहीं है. कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि भारती एयरटेल जैसी अन्य दूरसंचार कंपनियों को इस सब-गीगाहर्ट्ज (700 मेगाहर्ट्ज) बैंड का अधिग्रहण नहीं करने के कारण 2 से 3 प्रतिशत मार्केट शेयर का नुकसान हो सकता है.

सिर्फ जियो के पास है 700 मेगाहर्ट्ज बैंड
700 मेगाहर्ट्ज बैंड एक सब-गीगाहर्ट्ज बैंड (मूल रूप से 1GHz के तहत) है, जिसे रिलायंस जियो ने सी-बैंड के साथ हासिल किया है. देश में केवल Jio के पास ही अपनी 5G कनेक्टिविटी के लिए 700MHz बैंड है. फिलहाल यह किसी अन्य टेलीकॉम के पास नहीं है.यह सब-गीगाहर्ट्ज़ बैंड में 5G के क्षेत्र में रिलायंस की मोनोपॉली स्थापित करेगा.

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अन्य टेलीकॉम को करना होगा ज्यादा भुगतान
अब अगर अन्य टेलीकॉम अगली नीलामी में इसके लिए बोली लगाने की योजना बना रहें हैं, तो उन्हें बहुत अधिक भुगतान करना पड़ सकता है. फिलहाल अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों के पास 800 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज में सब-गीगाहर्ट्ज बैंड भी हैं, लेकिन ये 4 जी और 2 जी कनेक्टिविटी के लिए विकसित किए गए हैं.

यूजर्स और कंपनी दोनों के लिए फायदेमंद
अब, अगर हम लंबे समय में लाभों पर विचार करते हैं, तो एक GHz बैंड की तुलना में एक सब-गीगाहर्ट्ज बैंड को कंपनी के लिए अधिक लाभदायक कहा जाता है. बता दें कि एक गीगाहर्ट्ज बैंड तेज इंटरनेट प्रदान करता है, लेकिन इसका कवरेज कम होता है. वहीं एक सब-गीगाहर्ट्ज बैंड बेहतर कवरेज प्रदान करेगा लेकिन इसकी गति बहुत तेज नहीं होगी. ऐसे में यह एक तरह से कंपनी और यूजर्स दोनों के लिए फायदेमंद है.

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रिलायंस को मिलेगी बढ़त
विश्लेषकों के अनुसार रिलायंस को अपने 5G नेटवर्क में सब-गीगाहर्ट्ज बैंड होने से काफी लाभ होगा, क्योंकि इससे उसे 2 से 3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल हो सकती है. क्योंकि एक सब-गीगाहर्ट्ज बैंड बेहतर इनडोर सिग्नल प्रदान करेगा. कम कवरेज होने के बावजूद, रिलायंस जियो को सिग्नल कवरेज की बदौलत बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि देखने को मिल सकती है. वहीं कंपनी 700 मेगाहर्ट्ज बैंड दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरी क्षेत्रों में पेश करेगी. साथ ही कुछ मेट्रो शहरों में आप अपने घर पर या अन्य घने स्थानों पर बेहतर और स्थिर कवरेज मिल सकता है.

ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी 5G सर्विस
इसके अलावा, 700MHz बैंड के कारण Jio को ग्रामीण क्षेत्रों में भी 5G सेवाओं की पेशकश करने में मदद मिलेगी. वह भी सस्ती कीमत पर. अन्य बैंडों के विपरीत, जिनकी 5G गति तेज है, लेकिन एक सीमित क्षेत्र को कवर करते हैं. सब-गीगाहर्ट्ज बैंड इस मामले में 700 मेगाहर्ट्ज से बेहतर कवरेज और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज गति की पेशकश करेगा.

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ग्रामीण इलाकों के ग्राहक को फायदा
5G के बारे में कहा जाता है कि यह 300 एमबीपीएस (क्वालकॉम के अनुसार) तक की डाउनलोड गति प्रदान करता है. यह गति पर्याप्त है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थिर इंटरनेट भी मिलेगा. इसके अलावा Jio को इस बैंड में 5G की पेशकश करने के लिए कोई अन्य काम नहीं करना है, इसलिए 5G सेवाएं सस्ती होने की संभावना है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को लाभ होगा.

सबसे पहले स्टैंडअलोन 5G सर्विस देगा Jio
इस साल जब 5G सर्विस शुरू होंगी, तो वे 5G नॉन-स्टैंडअलोन होंगी, जो 4G के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करेंगी. हालांकि स्टैंडअलोन 5G सेवाओं के लिए नए बुनियादी ढांचे पर जल्द काम शुरू होगा. रिलायंस जियो दो से तीन साल में 5जी स्टैंडअलोन सर्विस देने के लिए 700 मेगाहर्ट्ज 5जी स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल कर सकेगी. यह दूसरों की तुलना में जल्दी होगा. इससे Jio के मार्केट में हिस्सेदारी बढ़ जाएगी. बता दें कि रिलायंस जियो ने 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम में कुल 220 मेगाहर्ट्ज 5जी का अधिग्रहण किया है. इसे भारत के सभी प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा.

सस्ती दरों पर अच्छी स्पीड
जियो यूजर जल्द ही बेहतर 5G स्टैंडअलोन सर्विस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं. 700 मेगाहर्ट्ज बैंड की वजह से आप बेहतर नेटवर्क कवरेज और बेहतर इनडोर 5 जी नेटवर्क प्राप्त कर सकते हैं. ग्राहकों को सस्ती दरों पर अच्छी स्पीड मिल सकती है. दरों की बात करें तो 5G उतना महंगा नहीं होगा जितना कहा जाता है. इसकी कीमतें भारत में मौजूदा 4G प्लान के समान हो सकती हैं.

Tags: Airtel, Jio, Tech news, Tech news hindi, Telecom business

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