इसी साल सितंबर में शुरू हो सकता 5G ट्रायल, रेस से बाहर हुईं चीनी कंपनियां

इसी साल सितंबर में शुरू हो सकता 5G ट्रायल, रेस से बाहर हुईं चीनी कंपनियां
टेलीकॉम कंपनियां बिना चाइनीज कंपनियों के ट्रायल शुरू करने पर राजी हो गई है.

टेलीकॉम कंपनियां बिना चाइनीज कंपनियों के ट्रायल शुरू करने पर राजी हो गई है. दूरसंचार विभाग सितंबर में कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन कर सकता है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 1:02 PM IST
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5G का ट्रायल (5G Trial) सितंबर से शुरू हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां (telecom companies) बिना चाइनीज कंपनियों (chinese companies) के ट्रायल शुरू करने पर राजी हो गई है. दूरसंचार विभाग सितंबर में कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन कर सकता है. पता चला है कंपनी Huawei और ZTE के बिना ट्रायल शुरू करेंगी. वहीं एयरटेल (Airtel) अब बिना चाइनीज़ कंपनियों के साथ ट्रायल शुरू करेगा. Reliance Jio ने खुद की टेक्नोलॉजी से ट्रायल करने का आवेदन किया है. वोडाफोन आइडिया (Vodafone-idea) भी इसको लेकर जल्दी फैसला ले सकता है.

फिलहाल मोबाइल फोन पर 4G नेटवर्क चलता है. लेकिन अगर 5G स्पेक्ट्रम शुरू हो गया तो आपके मोबाइल इंटरनेट की स्पीड और बढ़ जाएगी. पहले 5G नेटवर्क की टेस्टिंग इस साल मार्च में होने वाली थी लेकिन कोरोना वायरस (Covid-19) महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया.

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इससे पहले टेलीकॉम डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने नाम जाहिर ना करने की शर्त पर बताया था कि स्पेक्ट्रम का ऑक्शन शुरू करने से पहले टेलीकॉम कंपनियों को कम से कम 6 महीने तक 5G डिवाइस और स्पेक्ट्रम का ट्रायल लेना होगा.

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अधिकारी ने बताया, ‘हम कंपनियों को सितंबर से स्पेक्ट्रम मुहैया कराने की सोच रहे हैं ताकि वो अपने 5G डिवाइस की जांच कर सकें.’ अधिकारी ने बताया, ‘दिसंबर 2019 में जिन कंपनियों ने ऐप्लिकेशन जमा किया था, हमने उनमें से सिर्फ नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग को ही 5G ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी है.’
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