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Online fraud और QR Code धोखाधड़ी से कैसे बचें, जानें यहां

Online fraud और QR Code धोखाधड़ी से कैसे बचें, जानें यहां

डिजिटल ट्रांजेक्शन से जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ी हैं उसी स्पीड से नए तरीके की धोखाधड़ी भी बढ़ी है.

डिजिटल ट्रांजेक्शन से जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ी हैं उसी स्पीड से नए तरीके की धोखाधड़ी भी बढ़ी है.

जैसे-जैसे डिटिजल पेमेंट की सुविधा में और विस्तार हो रहा है उसी स्पीड में धोड़ाधड़ी के भी मामले बढ़ रहे हैं.

    Cyber Fraud News: डिजिटल युग ने बहुत सारी सुविधाएं प्रदान की हैं. ऑनलाइन पेमेंट (Online Payment) डिजियल युग का एक क्रांतिकारी अविष्कार है. आज ज्यादातर लोग अब खरीदारी करने, बिलों का भुगतान करने और पैसा ट्रांसफर करने के लिए पेमेंट एप्स और ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) का उपयोग करते हैं.

    डिजिटल ट्रांजेक्शन (Digital transaction) की बात करें तो इस ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में भारत सबसे आगे है. पेमेंट सिस्टम कंपनी ACI world-wide की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल 71 फीसदी से ज्यादा होगा. कोरोना काल के बाद तो डिटिजल ट्रांजेक्शन में बहुत तेजी आई है.

    जब से डिटिजल ट्रांजेक्शन की सुविधा शुरू हुई है, बहुत से लोगों ने तो जेब में नकद पैसा रखना ही खत्म कर दिया है. अगर चाय की दुकान पर 5 रुपये का भी भुगतान करना हो तो लोग जेब से पैसा ना निकाल कर मोबाइल फोन निकालते हैं और दुकान पर लटके क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट कर देते हैं.

    डिजिटल ट्रांजेक्शन से जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ी हैं उसी स्पीड से नए तरीके की धोखाधड़ी भी बढ़ी है. फेस्टिवल सीजन चल रहा है, जाहिर है कि खरीदारी भी बढ़ गई होगी. लोग खूब ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं, जो ऑफलाइन शॉपिंग कर रहे हैं उनमें से ज्यादातर डिजिटल पेमेंट का तरीका अपना रहे हैं.

    जैसे-जैसे डिटिजल पेमेंट की सुविधा में और विस्तार हो रहा है उसी स्पीड में धोड़ाधड़ी के भी मामले बढ़ रहे हैं. यहां हम कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप डिजिटल फ्रॉड से खुद को बचा सकते हैं.

    क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें (Avoid QR codes scanning)
    दुकानदारों द्वारा भुगतान के लिए क्यूआर कोड का इन्तेमाल किया जाता है. क्यूआर कोड को स्कैन करने से आप सीधे अपने खाते से व्यापारी को पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं. एक स्कैमर यानी धोखेबाज भी आपके खाते से किसी भी भुगतान एप जैसे पेटीएम (Paytm), ग्रे, फोनपे (PhonPe) आदि से पैसे ट्रांसफर करने के लिए क्यूआर कोड का भी उपयोग कर सकता है.

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    इसलिए किसी भी प्रकार के लेन-देन के लिए किसी अज्ञात व्यक्ति या तीसरे पक्ष के एप द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें. अगर आपको किसी ऑनलाइन खरीदारी के लिए पैसे ट्रांसफर करने हैं, तो उस व्यक्ति का फोन नंबर या यूपीआई आईडी टाइप ऑप्शन अपनाना चाहिए. इससे पूरा ट्रांजेक्शन सेफ और कंट्रोल में रहता है.

    अंजान लिंक पर क्लिक ना करें (Do not click on unknown link)
    किसी अंजान लिंक पर क्लिक करके खाते से सारे पैसे उड़ाने की बात अब आम हो गई है. साइबर फ्रॉड करने वाले इस तकनीक का इस्तेमाल बहुत करते हैं. इस प्रकार के लिंक पर क्लिक करने से आपकी सारी जानकारी धोखेबाजों के पास चली जाती है.

    आपके फोन पर आ ई-मेल पर अक्सर बैंक खाता ब्लॉक करने, लॉटरी जीतने या फिर आपके एटीएम या क्रेडिट कार्ड से खरीदारी के मैसेज आते हैं और साथ में एक लिंक पर क्लिक करने की बात कही जाती है. यह एक क्लिक आपके लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए कभी भी अंजान लिंक पर क्लिक ना करें.

    इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से एक फर्जी वेबसाइट पेज खुलता है. यह बिल्कुल आपके बैंक के पेज की तरह होता है. इस पेज पर जब आप अपनी जानकारी अपलोड करते हैं को हैकर्स को आपका नाम और पासवर्ड मिल जाता है और फिर इसका इस्तेमाल वह आपके खाते से पैसा निकालने के लिए कर सकता है. इस तरह के किसी घोटाले में पड़ने से बचने के लिए अंजान लिंक पर क्लिक करने से बचें.

    अगर इस तरह के मैसेज के बारे में आपको जानकारी लेनी भी है तो अपने बैंक की वेबसाइट पर जाकर कस्टमर केयर नंबर लेकर या फिर मेल के द्वारा जानकारी हासिल कर सकते हैं.

    ट्रूकॉलर से पहचान करें
    फोन पर अक्सर अंजान नंबरों से कॉल आती रहती हैं कि हम फलां बैंक से बोल रहे हैं या फिर आपके बैंक से बोल रहे हैं. ऐसे नंबरों की पहचान के लिए अपने फोन में ट्रूकॉलर एप (TrueCaller) का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आपके फोन में ट्रूकॉलर एप है तो इस तरह के नंबरों के साथ फ्रॉड कॉल लिखा आएगा.

    इसलिए स्कैम कॉल्स की तुरंत पहचान करने के लिए, हम Truecaller एप का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एप फोन पर आने वाली कॉल्स की पहचान करता है. अगर यह एप किसी कॉल को स्कैम या स्पैम नंबर के रूप में पहचान करता है तो कॉलर का विवरण लाल बॉक्स में दिखाएगा. लाल रंग की कॉल को आप डिस्कनेक्ट कर सकते हैं.

    अगर आपने नेटफ्लिक्स (Netflix) पर जमातारा (Jamatra) नाम की सीरीज़ देखी है, तो आपको पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कैसे काम करता है. ये कॉल करने वाले कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव के रूप में खुद को क्रेडिट कार्ड विवरण या बैंक विवरण प्राप्त करने का प्रयास करते हैं. इसलिए आपको अपने बैंक खातों या क्रेडिट कार्ड से संबंधित कोई भी विवरण किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए.

    App डाउनलोड करने से पहले चेक करें
    आज आपके स्मार्टफोन के लिए हर काम के तमाम एप्स हैं. किसी एप को डाउनलोड करने के पहले उसकी पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए. एप डाउनलोड करते समय, आपको ऐप डेवलपर के बारे में विवरण देखना चाहिए और एप की रेटिंग देखनी चाहिए. ऐसे कई उदाहरण हैं जहां स्कैमर्स ने कोरोना वैक्सीन के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए Co-Win के नाम पर नकली ऐप की लॉन्च किया हुआ था. तमाम जॉब्स और सरकारी योजनाओं के फर्जी एप्स मौजदू हैं.

    यदि आप किसी वित्तीय संस्थान या किसी बड़े संस्था का कोई एप ढूंढ रहे हैं, तो हमेशा सत्यापित करें कि यह डाउनलोड करने से पहले किसी ऑफिशियल स्रोत से है.

    इस तरह कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर अमल करके आप किसी साइबर फ्रॉड के चुंगल में आने से खुद को बचा सकते हैं.

    Tags: Cyber Crime, Digital India, Online fraud

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