ऐपल और इंटेल के बीच इस कारण टूट रही 15 साल पुरानी साझेदारी, लॉन्च हुआ M1 चिपसेट

Apple, इंटेल से अपनी 15 साल पुरानी साझेदारी को भी खत्म करने जा रही है.
Apple, इंटेल से अपनी 15 साल पुरानी साझेदारी को भी खत्म करने जा रही है.

Apple अब खुद की बनाई हुई चिप कंप्यूटर में इस्तेमाल करेगी, और यही वजह है कि ये इंटेल से अपनी 15 साल पुरानी साझेदारी को भी खत्म करने जा रही है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 4:53 PM IST
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स्मार्टफोन की अग्रणी कंपनी ऐपल (Apple) ने मंगलवार को अपने नये तीन मैक कंप्यूटर्स (Mac Computers) का ऐलान कर दिया है. इसमें कंपनी के तीन नए मॉडल मैकबुक एयर (Mac Book Air0, मैकबुक प्रो (Mac Book Pro) और मैक मिनी (Mac Mini) शामिल है. यह सभी मॉडल इंटेल प्रोसेसर (Intel Processor) की बजाय ऐपल की एम 1 चिप (M1 Chip) से लैस हैं. गौरतलब है कि ऐपल ने अपनी चिप लॉन्चिंग के बाद से इंटेल से अपनी 15 साल पुरानी साझेदारी को भी खत्म करने जा रही है. कंपनी अब खुद की बनाई हुई चिप कंप्यूटर में इस्तेमाल करेगी. ऐपल दुनिया की चौथी सबसे बड़ी डेस्कटॉप बनाने वाली कंपनी है.

विनिर्माण क्षेत्र में पिछड़ रही इंटेल
ऐपल और इंटेल की 15 साल पुरानी साझेदारी के खत्म होने पर विश्लेषकों ने अपनी राय रखी है. विश्लेषकों का मानना है इस साझेदारी के टूटने के पीछे सबसे बड़ा कारण इंटेल का विनिर्माण क्षेत्र में पिछड़ना है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐपल की चिप मैनुफैक्चरर साझीदार इंटेल के मुकाबले बहुत विकसित है. वहीं, इंटेल कंपनी ने अपने एक बयान में कहा है 'हमारा मानना है कि 11वीं जेनेरेशन इंटेल कोर मोबाइल प्रोसेसर पर आधारित इंटेल प्रोसेसर वाले कंप्यूटर ने दुनियाभर के उपभोक्ताओं को अच्छा अनुभव दिया है और इंटेल तकनीकी बाजार में डेवलेपर्स के लिए खुला प्लेटफॉर्म है.'

बैटरी, बेहतरीन परफोर्मेंस भी मुख्य कारण
ऐपल का कहना है कि एम1 चिप लैस मैक कंप्यूटर पुराने मॉडल की तुलना में अधिक सक्षम है. कंपनी का यह भी कहना है कि मैक कंप्यूटर में नई चिप के इस्तेमाल से उसकी परफोर्मेंस और बैटरी पर बड़ा सकारात्मक असर देखने को मिलेगा. इसका सीधा सा मतलब है कि एम 1 लैस चिप कंप्यूटर की बैटरी लंबे समय तक चलेगी. कंपनी इसकी लॉन्चिंग पर कहा कि नई चिप से लैस कंप्यूटर एक बार के चार्ज में 15 घंटे तक चल सकते हैं, जो कि इंटेल प्रोसेसर से चलने वाले कंप्यूटर से 30 फीसदी ज्यादा है.



कोर टेक्नोलॉजी पर ऐपल की नजर
ऐपल के सीईओ टिम कुक ने कहा है कि कंपनी के अन्य उत्पादों के अलावा हमारी नजर नई-नई तकनीकियों को विकसित करने पर भी बनी हुई है. बता दें कि कंप्यूटर हार्डवेयर कंपनी के पास सिलिकन प्रोसेसर की तुलना में कुछ अनाश्यवक तकनीकियां थी जिसपर उसके कंप्यूटर अभी तक काम कर रह थे. ऐसे में ऐपल ने अपने सिलिकॉन डिपार्टमेंट में बड़ा निवेश किया और इसके लिए कंपनी ने साल 2008 में 278 मिलियन डॉलर में पी.ए सेमी की खरीददारी की थी. बता दें कि हाल ही में कंपनी ने एक बिलियन डॉलर इंटेल के मॉडम बिजनेस में भी खर्च किए थे.

ऐपल की नई चिप M1
ऐपल की नई चिप एरआरएम टेक्नोलॉजी (ARM Technology) पर आधारित है जो x86 आर्किटेक्चर तकनीक के विपरीत है. वहीं, इंटेल अपने प्रोसेसर में x86 आर्किटेक्चर तकनीक का इस्तेमाल करती है. बता दें कि एआरएम टेक्नोलॉजी को मुख्य रूप से मोबाइल डिवाइस के लिए विकसित किया गया था. कंपनी के मुताबिक, नई चिप बहुत कुशल है जो कंप्यूटर की बैटरी के लिहाज से भी बेहतर है. लैपटॉप के नजरिए से कंपनी की नई चिप बहुत प्रभावकारी है.
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