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Apple और Google ने बाइडन के इमिग्रिशन रिफॉर्म्स का किया स्वागत, भारतीय IT पेशेवरों को मिलेगी राहत

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई

जो बाइडन (Joe Biden) के इमिग्रिशन रिफॉर्म्स (Immigration Reform) से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत मिल सकती है.

  • Last Updated: January 22, 2021, 7:20 PM IST
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वाशिंगटन. गूगल (Google) और एप्पल (Apple) जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों समेत अमेरिका के आईटी क्षेत्र और बिजनेस ग्रुप्स ने नए राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के इमिग्रिशन रिफॉर्म्स (Immigration Reform) की सराहना की है. कंपनियों का कहना है कि यह कदम अमेरिकी इकोनॉमी को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजित करेगा और दुनिया भर से बेस्ट टैलेंट को आकर्षित करेगा.

बाइडन ने संसद भेजा इमीग्रेशन बिल
बाइडन ने अपने कार्यकाल के पहले दिन कांग्रेस के पास एक विस्तृत इमिग्रिशन बिल (Immigration Bill) भेजा. इस विधेयक में दस्तावेजों से वंचित दसियों हजार शरणार्थियों को नागरिकता और वैधानिक दर्जा देने तथा ग्रीन कार्ड के इंतजार में बैठे परिजनों का प्रतीक्षा समय कम करने समेत प्रणाली में व्यापक रद्दोबदल का प्रस्ताव किया गया है.

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भारतीय आईटी पेशेवरों को मिलेगी राहत


अमेरिकी नागरिकता अधिनियम 2021 (US Citizenship Act of 2021) नाम के इस विधेयक में इमिग्रिशन सिस्टंम को आधुनिक बनाने के प्रस्ताव है. इसमें रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिये हर देश के लिये अधिकतम संख्या को हटाने का भी प्रस्ताव किया गया है. इस कदम से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत मिल सकती है.

सुंदर पिचाई ने की सराहना
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने गुरुवार को एक ट्वीट में कोविड राहत, पेरिस जलवायु समझौते और इमिग्रिशन रिफॉर्म्स पर बाइडन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. भारत में जन्मे पिचाई ने कहा, ''गूगल ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर उठाये कदमों का समर्थन किया है. गूगल नई सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ताकि अमेरिका को महामारी से उबरने में मदद मिले.''



टिम कुक ने बाइडन के इस कदम का स्वागत किया
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने राष्ट्रपति बाइडन के इस कदम का स्वागत किया. उन्होंने बुधवार को देर से जारी एक बयान में कहा, ''यह प्रयास अमेरिकी समुदायों तथा इस देश के द्वारा लंबे समय से तैयार अवसरों की राह को मजबूत करेगा.''

गौरतलब है कि एप्पल, गगूल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी आईटी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों को नियुक्त करती हैं.
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