होम /न्यूज /तकनीक /ऐपल MacBook का लोगो अब नहीं करता है ग्लो, बेहद रोचक है इसकी वजह

ऐपल MacBook का लोगो अब नहीं करता है ग्लो, बेहद रोचक है इसकी वजह

मैकबुक को ज्यादा पतला और आकर्षक बनाने के लिए ग्लोइंग लोगो का इस्तेमाल नहीं होता.image-canva

मैकबुक को ज्यादा पतला और आकर्षक बनाने के लिए ग्लोइंग लोगो का इस्तेमाल नहीं होता.image-canva

ऐपल कंपनी हमेशा से ही ग्राहकों को लुभाने के लिए स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट नई तकनीकी के साथ लॉन्च करती है. शुरुआती सम ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ग्लो करने वाले लोगो को हटाने की वजह मैकबुक की मोटाई कम करना और डिस्प्ले क्वालिटी शामिल करना है.
पहली बार कंपनी ने साल 2006 में रोशनी वाले लोगो के साथ मैकबुक को पेश किया था.
साल 2016 के बाद से ही ये एक सामान्य लोगो का रूप ले लिया गया था.

नई दिल्ली. ऐपल कंपनी का जलवा आज से नहीं बल्कि बीते कई सालों से है. प्रीमियम लैपटॉप कंप्यूटर या फिर स्मार्टफोन खरीदने वालों की पहली पसंद ऐपल ही है. एक समय ऐसा था जब यह कंपनी फेल हो गई थी. दोबारा से मार्केट में पकड़ बनाने के लिए नई-नई तकनीक और फीचर्स के साथ वापसी करने के बाद से ही इसे असली पहचान मिली. आज के समय में ज्यादातर लोग ऐपल के प्रोडक्ट खरीदना चाहते हैं. शुरुआती समय में मैकबुक का लोगो ग्लो करता था. 

इसे लोग दूर से ही देखकर कंपनी की पहचान कर लेते थे. समय के साथ ही मैकबुक से इसे हटा दिया गया. लेकिन क्या आपको इसके पीछे की असली वजह पता है आखिर क्यों कंपनी ने ऐसा किया था?
इसके पीछे की भी कई बड़ी वजहें हैं.

यह भी पढ़ें: iQOO लॉन्च करने जा रही नया स्मार्टफोन, जानें iQOO Neo 7 SE की सभी लीक डिटेल

मैकबुक और भी ज्यादा पतला बनाने के लिए
शुरुआती समय में स्मार्टफोन ही नहीं लैपटॉप की भी मोटाई बहुत ज्यादा हुआ करती थी. एक दौर ऐसा आया था जब अलग-अलग कंपनियों के बीच इसे पतला और पोर्टेबल बनाने की होड़ सी मची हुई थी. लोग इससे काफी आकर्षित भी हो रहे थे. उसी समय कंपनी ने मैकबुक को और भी ज्यादा पतला करने का निर्णय लिया था. पहली बार इसे 2006 में ग्लोइंग लोगों के साथ लॉन्च किया गया था. 2016 में इसे बंद कर दिया गया.

डिस्प्ले की विजुअलिटी बढ़ाने के लिए
कंपनी ने इसे हटाने का फैसला इसलिए भी लिया था क्योंकि ट्रांसपेरेंट लोगो होने की वजह से डिस्प्ले की विजिबिलिटी काफी कम हो जाती थी. इसे हटाने के बाद अब मैकबुक की विजुअलिटी काफी बढ़ गई है. सिर्फ इतना ही नहीं इसकी मोटाई कम होने के कारण ग्राहक भी इसकी और आकर्षित होने लगे हैं. लोगों के बीच इसकी पकड़ बनाने के बाद ग्लोइंग लोगो को हटाने पर खास तरह का नुकसान देखने को नहीं मिला है.

यह भी पढ़ें:Microsoft के सरफेस लैपटॉप 5, सरफेस प्रो 9 की भारत में एंट्री, जानिए क्या हैं स्पेसिफिकेशंस

कोई खास लाभ नहीं मिला
लोगो ग्लो करने की वजह से कंपनी को कोई भी खास फायदा नहीं हो रहा था. मैकबुक बनाने में इससे बाधाएं उत्पन्न हो रही थी. आज के समय में कंपनी की ज्यादातर प्रोडक्ट्स मेटल के होते हैं. इसे बनाना काफी आसान है. इससे मैकबुक को काफी ज्यादा मजबूती मिलती है. कंपनी ने पहली बार ग्लोइंग लोगो का इस्तेमाल सन 1999 में पावर बुक g3 के ऊपर किया था. इसके बाद अगले लगभग 16 सालों तक इस लोगो का इस्तेमाल किया गया.

Tags: Apple, Tech news, Tech news hindi

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें