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फेसबुक कर रहा है टेस्टिंग! आर्टिकल को शेयर करने से पहले उसे पढ़ना होगा जरूरी

बिना पढ़े शेयर करने का मतलब हो सकता है कि उसमें महत्वपूर्ण तथ्य गायब हो.

ये ठीक रीड आर्टिकल फर्स्ट प्रॉम्प्ट (Read article first) की तरह है जिसे पिछले साल इंफॉर्म्ड डिस्कशन को फेसबुक पर प्रमोट करने के लिए लॉन्च किया गया था. फेसबुक के इस नए फीचर को मुख्त तौर से गलत जानकारियां और फेक न्यूज (Fake news) पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है.

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    नई दिल्ली. सोशल मीडिया दिग्गज फेबसुक (Facebook) पर आने वाले समय में किसी भी पोस्ट को बिना पढ़े शेयर नहीं किया जा सकेगा. फेसबुक आर्टिकल शेयरिंग (Article sharing ) को लेकर ऐसा करने जा रहा है जिसमें यूजर किसी ऐसे आर्टिकल को बिना पढ़े शेयर करने जा रहा है तो उसे फेसबुक की ओर से प्रॉम्प्ट (Prompt)मिलेगा जो इस बात के लिए प्रेरित करेगा कि पहले वो आर्टिकल को ओपन करे पढ़े (open and read) और फिर से किसी दूसरे के साथ शेयर (share) करे. ये ठीक रीड आर्टिकल फर्स्ट प्रॉम्प्ट (Read article first) की तरह है जिसे पिछले साल इंफॉर्म्ड डिस्कशन को फेसबुक पर प्रमोट करने के लिए लॉन्च किया गया था. फेसबुक के इस नए फीचर को मुख्त तौर से गलत जानकारियां और फेक न्यूज (Fake news) पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. जो कि सोशल मीडिया साइट्स पर जैसे टि्वटर और फेसबुक पर बड़ा मुद्दा भी रहा है. खासतौर से कोविड 19 पेंडेमिक (covid 19 pandemic )के दौरान. 


    बिना पढ़े शेयर किया तो यह मतलब निकलेगा


    इस प्रॉम्प्ट को लेकर कंपनी द्वारा शेयर की गई इमेज के अनुसार फेसबुक पर संकेत यूजर्स को बताता है कि वे किसी लेख को बिना खोले साझे करने वाले हैं, जब वे बिना लिंक खोले इसे शेयर करते है. उसे बिना पढ़े शेयर करने का मतलब हो सकता है कि उसमें महत्वपूर्ण तथ्य गायब हो. इसके बाद आगे यह भी विकल्प मिलता है कि ओपन आर्टिकल या कंटीन्यू शेयरिंग. यदि वे लेख बिना पढ़े ही आगे शेयर करना चाहते है तो वे कंटीन्यू शेयरिंग का विकल्प चुन सकते है.  


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    Read article first से कितना फर्क पड़ा 


    हालांकि ट्विटर ने यह नहीं बताया कि फर्स्ट रीड आर्टिकल संकेत से कितना पड़ता है. कंपनी ने कहा कि आक्रामक ट्वीट्स के खिलाफ उसके संकेतों ने लगभग 34 प्रतिशत लोगों को अपने प्रारंभिक उत्तर को संशोधित करने के लिए प्रेरित किया या अपना जवाब बिलकुल नहीं भेजना का फैसला किया. भविष्य में 11 प्रतिशत कम आक्रामक जवाब देने के संकेत भी मिले है. 


    नए प्रॉम्प्ट फीचर की टेस्टिंग शुरू 


    फेसबुक के इस नए प्रॉम्प्ट फीचर को फिलहाल टेस्ट किया जा रहा है. इसमें एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स भी शामिल हैं. ऐसे में अगर आप भी इस फीचर का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप अपने फोन में इसे चेक कर सकते हैं. वहीं अगर आपको ये फीचर नहीं मिला है तो आपको कुछ और दिन का इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि इसे अभी रोलआउट किया गया है और ये धीरे धीरे यूजर्स के फोन में आएगा.

    Published by:Amit Deshmukh
    First published: