जानिए क्या है Google Chrome FLoC Trial, ऐसे पता करें कि आप ट्रैक किए जा रहे हैं या नहीं

आपकी हर गतिविधि की जानकारी दी जाएगी विज्ञापनदाताओं काे

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Google ने आपकाे ट्रैक करने के लिए एक नया तरीका निकाला है. इस तरीके काे कंपनी ने फेडेरेटेड लंर्निंग ऑफ काेहर्ट्स (Federated Learning of Cohorts) या फ्लॉक (FLoC) नाम दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 9:36 PM IST
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नई दिल्ली. दिग्गज आईटी कंपनी गूगल (Google) ने आपकाे ट्रैक करने के लिए एक नया तरीका निकाला है. इस तरीके काे कंपनी ने फेडेरेटेड लंर्निंग ऑफ काेहर्ट्स (Federated Learning of Cohorts) या फ्लॉक (FLoC)नाम दिया है. गूगल भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, ब्राजील, मैक्सिकाे, फिलिपींस, न्यूजीलैंड और अमेरिका में FLoC काे टेस्ट कर रही है. इस नए टेक्नाेलॉजी की मदद से यूजर्स के शॉपिंग पैटर्न का डेटा इकठ्ठा किया जाता है.



कंपनी का दावा है कि यह एक बेहतर तरीका है विज्ञापनदाताओं के लिए कि वाे क्या चाहते हैं? हालांकि गाेपनीयता के पैराेकाराें ने इसके खिलाफ अभी तक कुछ नहीं कहा है. आश्चर्य की बात यह है कि कैसे गूगल ने इसका ट्रायल भी शुरू कर दिया बिना किसी पूर्व जानकारी के. FLoC ट्रायल काे क्राेम यूजर्स के 0.5 प्रतिशत यूजर्स पर किया जा रहा है अब शुरू है और स्टेंण्डर्ड कूकीज ट्रेकिंग के अलावा भी. 



आखिर क्याें FLoC हमारे लिए डर की वजह है



FLoC का दावा है कि यह अब आपकाे इंटरनेट पर उन वेबसाइटाें पर नजर रखने से अनुमति नहीं देगा जाे स्क्रिप्ट काे इनसर्ट कर पता लगाती हैं कि आप इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं. हालांकि यह सुनने में अच्छा लग रहा है लेकिन यह उतना आसान भी नहीं है. FLoC के साथ Google और ज्यादा कंट्राेल कर सकेगा कि कैसे यूजर एक्टिविटी काे अपने तरीके से ट्रैक कर सके. जाे कि कही से भी यूजर्स के लिए हितकारी नजर नहीं आता. FLoC आपकी ब्राउजिंग एक्टिविटी और हिस्ट्री, आप जिन भी वेबसाइट्स पर जाते हैं, उन सब काे उसे क्लासिफाय करेगा कंपार्टमेंट याे काेहर्ड्स में. यह काेहर्ड्स जिसे गूगल FLoC व्हाइटपेपर कह रहा है यूजर्स की पहचान काे सामने नहीं लाएगा लेकिन फिर भी आपकी हर गतिविधि, मसलन आप क्या करते है, क्या देख रहे सहित तमाम गतिविधि काे ट्रैक करेगा. हालांकि गूगल का कहना है कि वाे सेंसेटिव सर्च काे विज्ञापनदाताओं के साथ शेयर नहीं करेगा इसमें आपके मेडिकल सर्च शामिल है.   


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आप ऐसे पता कर सकते हैं 



अगर आपको लगता है कि Google चोरी-छिपे जासूसी कर रहा है तो आप https://amifloced.org/  पर चेक कर सकते हैं. इस वेबसाइट जाते ही आपको Check For Floc ID का बटन नजर आएगा. इसे क्लिक करते ही आपको पता लग जाएगा कि आप गूगल की निगरानी में हैं या नहीं. यहां आपकाे आगे यह भी पता




Google ने डाटा कलेक्शन में भी यूजर्स काे किया गुमराह



आस्ट्रेलियन फेडरल काेर्ट शुक्रवार काे ही कहा कि गूगल ने वर्ष 2017 और 2018 में अपने यूजर्स काे एंड्राइड से लिए गए पर्सनल लाेकेशन डाटा काे लेकर गुमराह किया.  आस्ट्रेलियन कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर कमिशन (ACCC) ने वर्ष 2019 में गूगल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की थी. फेडरेशन के अनुसार एंडाइड यूजर्स काे गूगल यह बताकर गुमराह करता है कि सिर्फ लाेकेशन हिस्ट्री ऑन रखने पर ही वाे आपका पर्सनल डाटा काे एकत्र करता है जबकि अदालत ने पाया कि यदि वेब और एप्लिकेशन पर लाेकेशन हिस्ट्री बंद हाेने के बाद भी गूगल सारी जानकारी एकत्र और सुरक्षित भी रख रहा था.


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