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Apple के बाद आखिरकार Google भी अपने यूजर्स को एड ट्रैकिंग से करेगा दूर! जानिए कबसे मिलेगी सुविधा

साल के अंत तक एंड्राइड 12 के डिवाइस में इसे रोल आउट किया जाएगा.

गूगल का कहना है कि वह 2022 में प्ले स्टोर में एक सेफ्टी सेक्शन देगी जो यूजर्स को यह पावर देगा कि जिससे वह देख सकेंगे कि कंपनी उनका कौन सा डाटा कलेक्ट करेगी. यह विकल्प गूगल प्ले सर्विस के अपडेट के साथ आएगा.

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    नई दिल्ली. आखिरकार गूगल (Google) को भी ऐपल (Apple)  के नक्शे कदम पर चलना पड़ ही गया. दरअसल, ऐपल की तरह ही गूगल भी अपने एंड्रायड यूजर्स को एड ट्रैकिंग (Ad Tracking) से सुरक्षित करेगा. जानकारी के अनुसार इस साल के अंत तक गूगल इसे लागू कर देगा. यह विकल्प गूगल प्ले सर्विस  के अपडेट के साथ आएगा. विज्ञापनों से बाहर निकलने का मतलब है कंपनियां इसके बाद आपकी यूनिक आई (Unique ID) नहीं देख पाएगी और उनके पर्सनल विज्ञापन (Personal Advertiesment) नहीं दिखा पाएगी. गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स और विज्ञापनदाताओं दोनों को संतुष्ट करने का एक तरीका खोजने की कोशिश कर रहा है. गूगल का कहना है कि वह 2022 में प्ले स्टोर में एक सेफ्टी सेक्शन देगी जो यूजर्स को यह पावर देगा कि जिससे वह देख सकेंगे कि कंपनी उनका कौन सा डाटा कलेक्ट करेगी. 


    इस साल के अंत तक रोल आउट


    जानकारी के अनुसार साल के अंत तक एंड्राइड 12 के डिवाइस में इसे रोल आउट किया जाएगा. मजेदार बात यह है कि आप वास्तव में सेटिंग्स में जाकर, गूगल पर टैप करके, फिर विज्ञापनों को चालू करके और विज्ञापनों से बाहर निकलने के लिए टॉगल को चालू करके वर्तमान में एंड्राइड में विज्ञापन देखने से ऑप्ट आउट कर सकते है. लेकिन यह स्पष्ट रूप से मूर्ख बनाने से ज्यादा कुछ नहीं है कि गूगल को इसके विपरीत घोषणा करने की जरूरत पड़ी. एक और ध्यान देने वाली बात यह है कि गूगल डिफॉल्ट रूप से एपल के विपरीत विज्ञापन ट्रैकिंग को सक्षम रखेगा. जिससे यूजर्स को विज्ञापन सेवाओं में ऑफ्ट इन करना पड़ता है. 


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    फेसबुक के बिजनस मॉडल के लिए बड़ी समस्या 


    फेसबुक को यही चिंता थी कि Apple के ऐसा करने के बाद Google भी यह कदम उठा लेगा  एड्रायड और गूगल क्रोम व अन्य ऐप प्लेटफॉर्म के लिए. क्योंकि यह फेसबुक के बिजनस मॉडल के लिए यह एक बड़ी समस्या होगा. क्योंकि जब लोगों के पास यह विकल्प होगा कि उन्हें ट्रैक किया जाए या नहीं तो ज्यादातर इसके लिए नहीं ही चुनेंगे. कई छोटे व्यवसायी भी इसे ध्यान में रखते हुए ही फेसबुक को विज्ञापन देते है क्योंकि उन्हें पता होता है कि वे सिलेक्टेड कस्टमर्स तक पहुंच सकते हैं.

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