वॉट्सऐप को टक्कर देने वाली बाबा रामदेव की ‘Kimbho’ ऐप में रुकावट, कंपनी ने सफाई

गुरु रामदेव की स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘Kimbho’ को पिछले साल ऐप स्टोर से हटा दिया गया था. हटाने की वजह यूज़र्स की प्राइवेसी बताई गई थी.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 11:56 AM IST
वॉट्सऐप को टक्कर देने वाली बाबा रामदेव की ‘Kimbho’ ऐप में रुकावट, कंपनी ने सफाई
Photo: News18 hindi
News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 11:56 AM IST
योग गुरु रामदेव की स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘Kimbho’ को पिछले साल ऐप स्टोर से हटा दिया गया था. हटाने की वजह यूज़र्स की प्राइवेसी बताई गई थी. पतंजलि आयुर्वेद ने किंभो ऐप को पिछले साल काफी प्रचार-प्रसार के बाद लॉन्च किया था. इसके तहत चैट, मल्टीमीडिया, वायस और वीडियो कालिंग के साथ ही वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा देने का वादा किया गया था.

इसके बाद एक परीक्षण के लिए इस ऐप को अगस्त में फिर से लाया गया और पतंजलि आयुर्वेद ने वादा किया कि इसका फाइनल वर्जन कुछ दिनों में आ जाएगा, हालांकि यह अब तक नहीं आया. पतंजलि में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रमुख एवं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अभिताब सक्सेना ने कहा कि किंभो App को अभी होल्ड पर रखा गया है.



बीजीआर पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक सक्सेना ने कहा कि ‘अगर इससे जुड़ी कोई खबर आती है तो बाबा रामदेव जी और आचार्य बालकृष्ण जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करेंगे. फिलहाल किंभो ऐप होल्ड पर है’. उनसे जब पूछा गया कि ऐप की वर्तमान स्थिति क्या है और भविष्य की योजनाएं क्या हैं इस पर सक्सेना ने कहा कि यह 'गोपनीय' है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ होता है तो हम इसका अपडेट देंगे. केवल बालकृष्ण जी एप के बारे में साफ तस्वीर रख सकते हैं.  (ये भी पढ़ें- सैमसंग टैब में लगी आग, फोन चार्ज करते हुए आप भी तो नहीं कर रहें हैं ये 10 गलती, फट सकता है फोन)

वाट्सऐप की तरह मैसेजिंग ऐप चलाने के लिए उच्च स्तर के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है. इसके बारे में देश के प्रमुख सोशल मीडिया विशेषज्ञ अनूप मिश्रा ने कहा, ‘इसके लिए ओपन सोर्स एक्सपर्ट, क्लाउड और कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क एक्सपर्ट, डेटा इंजीनियर, कोर डेवलपर की टीम, एपीआई डेवलपर, यूजर इंटरफेस डेवलपर, टेस्टिंग टीम और यूजर डाटा सिमुलेशन टीम की जरूरत होती है.



पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला से जब ऐप की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया. क्या पतंजलि पूरी तैयारी के साथ इस ऐप को लांच करने की कोशिश करेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन कंपनी अभी भी आशावान है और इसने ऐप लांच नहीं करने के संबंध में अब तक कोई बयान नहीं दिया है. बता दें कि Kimbho ऐप को पेश करने का उद्देश्य फेसबुक के स्वामित्व वाले वाट्सऐप को टक्कर देना था. किंभो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है 'कैसे हैं' या 'नया क्या है'. उपयोगकर्ताओं ने जब सुरक्षा चिंता जैसे सवाल उठाए तो एप को गूगल प्ले स्टोर और एप स्टोर से हटा लिया गया.   (ये भी पढ़ें- Google के ज़रिए किसी को भी भेजें WhatsApp मैसेज, ये है तरीका)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ऐप्स से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 2, 2019, 9:00 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...