जारी हुई चेतावनी, आपके फोन के जरिए नए तरीके से खाली किए जा रहे हैं बैंक अकाउंट, ना करें ये गलती

जानें कैसे आपके ही फोन की मदद से हैकर्स आपके वॉलेट और यूपीआई अकाउंट्स से आसानी से पैसे उड़ा लेते हैं

News18Hindi
Updated: July 10, 2019, 1:22 PM IST
जारी हुई चेतावनी, आपके फोन के जरिए नए तरीके से खाली किए जा रहे हैं बैंक अकाउंट, ना करें ये गलती
हैकर्स के लिए ये तरीका बहुत सेफ है
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Updated: July 10, 2019, 1:22 PM IST
HDFC बैंक ने ऑनलाइन बैकिंग यूज़र्स के लिए चेतावनी जारी की है. मौजूदा समय में हैकर्स अकाउंट से पैसे उड़ाने के लिए UPI का सहारा ले रहे हैं. हैकर्स AnyDesk नाम की ऐप के जरिए यूजर्स के मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस ले लेते हैं. ऐसे मामलों को लेकर RBI पहले भी अलर्ट जारी कर चुका है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एडवाइजरी में कहा गया है कि AnyDesk जैसी ऐप्स यूजर्स से रेगुलर प्राइवेसी की परमिशन मांगती हैं, जो फिर हैकर्स को यूजर्स के फोन का एक्सेस दे देता है. हैकर्स इसकी मदद से वॉलेट और यूपीआई अकाउंट्स से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं. आइए जानते हैं बैंकिग से जुड़े इस नए फ्रॉड के बारे में कि कैसे इसे अंजाम दिया जा रहा है और कैसे आप इससे बच सकते हैं...

- जालसाज आपको फोन करेगा. फिर आपका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए आपसे ऐसे बात करेगा जैसे कि वह बैंक कर्मचारी हो.

आपको ठगने के लिए और यकीन दिलाने के लिए कि कॉल बैंक से ही आया है. वह आपकी डीटेल्स वेरिफाई करेगा, जैसे कि नाम, जन्म की तारीख और मोबाइल नंबर. (ये भी पढ़ें-  Nokia का दमदार फोन हुआ सस्ता, 17 हज़ार वाले फोन को अब सिर्फ 6,999 रुपये में खरीदें)

जालसाज आपसे कहेगा कि आपका कार्ड, मोबाइल बैंकिंग ब्लॉक कर दिया जाएगा. या वह ऐसी ही बातों का सहारा लेगा और आपको हर तरह से डराने की कोशिश करेगा. ताकि आप उसकी बातों का यकीन कर लें.

Anydesk ऐप डाउनलोड करने के लिए कहता है हैकर


अब कॉलर आपको मनाएगा कि एक ऐप डाउनलोड कर लें ताकि इस परेशानी को ठीक कर दिया जाए. ये ऐप AnyDesk या फिर इससे मिलती जुलती कोई और रिमोट डिवाइस कंट्रोल ऐप हो सकती है.

अब जब आप AnyDesk ऐप डाउनलोड कर लेंगे तो ये बाकी ऐप्स की तरह आपसे रेगुलर परमिशन मांगेगा.
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जालसाज आपसे 9 डिजिट का कोड पूछेगा, जो आपके फोन में जेनरेट हुआ है.  (ये भी पढ़ें- अपने WhatsApp Status को किसी भी ऐप पर करें शेयर, यहां जानें पूरा तरीका)

जैसे ही कॉलर को आपसे 9 डिजिट का कोड मिल जाएगा, वह आपसे अपने फोन से परमिशन Allow करने के लिए कहेगा.



अब जब ऐप को सारी परमिशन मिल जाती है तो, कॉलर आपके फोन को पूरा खुद ही कंट्रोल करने लगता है, जो कि आपको पता भी नहीं चलता.

यूजर के फोन का पूरा एक्सेस पाने के बाद धोखेबाज आपका पासवर्ड चुराकर आपके UPI अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर लेता है.

कई बार धोखेबाज आपको SMS भेजकर उसे किसी एक नंबर पर भेजने के लिए कहें. दरअसल मैसेज रिसीव होने के बाद ये ठग यूजर के मोबाइल नंबर या अकाउंट को UPI के जरिए अपने मोबाइल में जोड़ लेते हैं. (ये भी पढ़ें- Aadhaar से जुड़ी ये 5 बातें आपके लिए है ज़रूरी, कई काम होंगे आसान)

साथ ही ये धोखेबाज यूजर्स के वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) पर रिक्वेस्ट भेजते हैं. ज्यादातर यूजर्स इन रिक्वेस्ट्स को ऑथराइज कर देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें कुछ ट्रांजैक्शन्स का रिफंड मिल जाएगा.



हैकर्स के लिए यह तरीका बेहद ही सेफ है और वह इसकी मदद से किसी को भी अपने जाल में फंसा सकते हैं. पाठकों को सलाह है कि ऐसे कॉल्स को फॉरन डिलीट कर दें, क्योंकि किसी भी बैंक का कर्मचारी यूजर्स को पर्सनल कॉल करके किसी परेशानी को नहीं सुलझाता.

बैंक डीटेल से जुड़ी किसी भी चीज को फोन पर शेयर करने से बचें. साथ ही अगर आपको बैंकिंग से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो कोशिश करें कि Bank Branch जाकर उसे ठीक कराएं.

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First published: July 9, 2019, 6:05 AM IST
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