सावधान! आपके बैंकिंग ऐप, क्रेडिट कार्ड और नेटफ्लिक्स समेत 337 ऐप्स पर खतरा

सावधान! आपके बैंकिंग ऐप, क्रेडिट कार्ड और नेटफ्लिक्स समेत 337 ऐप्स पर खतरा
नीदरलैंड की एक कंपनी ने एक नये खतरनाक मालवेयर के बारे में जानकारी दी है.

ThreatFabric नाम की नीदरलैंड की एक साइबर सिक्योरिटी फर्म ने हाल ही में एक नये मालवेयर के बारे में जानकारी है. इस मालवेयर का नाम BlackRock है. इस मालवेयर की मदद से कई तरीकों से स्मार्टफोन की जरूरी जानकारियां जुटाई जा रही हैं.

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नई दिल्ली. आज के समय में पूरी दुनिया में तेजी से डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिल रहा है. कोरोना संकट में इसमें बड़े स्तर पर बढ़ोतरी हुई है. आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा महमारी के बीच ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ा है. लेकिन, इन सबके साथ ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी का मामला भी उतनी ही तेजी से बढ़ा है. हाल ही में बिल गेट्स, इलॉन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार जोए बाइडेन के ट्विटर अकांउट तक हैक कर लिए गए थे.

इस साल बढ़े रही बैंकिंग ट्रोजन की संख्सा
ThreatFabric नाम की नीदरलैंड की एक साइबर सिक्योरिटी फर्म ने हाल ही में एक नये मालवेयर के बारे में जानकारी है. इस मालवेयर का नाम BlackRock है. इस मालवेयर की मदद से हैकर्स और ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले एंड्रायड के 337 मोबाइल ऐप्स को टार्गेट कर रहे हैं. इन ऐप्स के जरिए वो क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड संबंधी जानकारियां चोरी कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2014 के बाद बैंकिंग ट्रोजन में बड़े स्तर पर इजाफा हुआ है. हालांकि, 2019 में यह कम हुआ था. अब 2020 में एक बार फिर इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है.

कैसे जानकारी चुराता है ये मालवेयर?
दरअसल, BlackRock नाम का यह नया मालवेयर मोबाइल ऐप्स के कीलॉगर फन्क्शन की मदद से फेक विंडो बनाता है. ऐप में एक्सेस करने के लिए यह मालवेयर यजूर्स कार्ड डिटेल्स की जानकारी मांगता है. जैसे ही यूजर्स ये जानकारी भरता है, वैसे ही हैकर्स इसे चुरा लेते हैं.



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इसके अलावा, अगर ऐसे ऐप्स स्मार्टफोन्स में इन्स्टॉल होता है तो ट्रोजन फोन की एक्सेसिबिलिटी फीचर्स की अनुमति मांगता है. इसके बाद मालवेयर को एंड्रॉयड की अनुमति मिल जाती है. कुछ रिसर्च और रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मालवेयर एसएमएस, स्पैम कॉन्टैक्ट्स, मोबाइल एंटीवायरस ऐप्स, जैसे को पढ़ लेता है. ये मालवेयर फेक गूगल अपडेट्स भी भेजता है, जिसे कई लोग असली अपडेट में अंतर भी नहीं कर पाते हैं.

खतरे में हैं ये जानकारियां
ThreatFabric की रिपोर्ट के मुताबिक, जीमेल, याहू मेल, माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक, पेपल मोबाइल कैश, अमेजन सेलर, उबर, नेट​फ्लिक्स, अमेजन शॉपिंग जैसे ऐप्स को यह मालवेयर टार्गेट कर रहा है. इसके अलावा इस लिस्ट में कई बैंकिंग ऐप्स भी शामिल हैं. ये ऐप्स आईसीआईसीआई की iMobile, एसबीआई की योनो लाइट, आईडीबीआई बैंक की Go Mobile+ भी हैं. कहा जा रहा है कि ये मालवेयर स्मार्टफोन से डेटा, पासवर्ड और क्रेडिट व डेबिट कार्ड की डि​टेल्स भी चुरा रहा है.

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क्या है बचने के उपाय
अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि इस तरह के मालवेयर से कैसे बचा जाए. लेकिन, कुछ जानकारों का कहना है कि लोगों को अज्ञात सोर्स से मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए. उन्हें यह किसी भी ऐप को जरूरी परमिशन देने से पहले ध्यान देना चाहिए.
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