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स्मार्टफोन, टैब जैसी सभी डिवाइस के लिए एक ही चार्जर होने की उम्मीद, सरकार कर रही तैयारी

स्मार्टफोन, टैब जैसी सभी डिवाइस के लिए एक ही चार्जर होने की उम्मीद, सरकार कर रही तैयारी

प्रतीकात्मक तस्वीर,

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सरकार स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए एक ही चार्जर लाने की संभावनाएं तलाश रही है. मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक, ‘कॉमन चार्जर’ की संभावनाएं तलाशने के लिए 17 अगस्त को मोबाइल फोन विनिर्माताओं और इस क्षेत्र से जुड़ी उपकरण बनाने वाली कंपनियों को बैठक के लिए बुलाया गया है.

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हाइलाइट्स

स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए एक ही चार्जर आने की उम्मीद है.
इससे न सिर्फ यूज़र्स पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा बल्कि ई-कचरा (e-waste) कम करने में भी मदद मिलेगी.
मौजूदा समय में नए फोन या टैबलेट के लिए यूज़र्स को अलग से चार्जर भी खरीदना पड़ता है.

नई दिल्ली. सरकार स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए एक ही चार्जर लाने की संभावनाएं तलाश रही है और इसपर चर्चा के लिए उसने अगले हफ्ते हितधारकों की बैठक भी बुलाई है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए अलग-अलग चार्जर की जरूरत खत्म करने के लिए एक ही चार्जर लाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर न सिर्फ यूज़र्स पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा बल्कि ई-कचरा (e-waste) कम करने में भी मदद मिलेगी.

बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और इलेक्ट्रिकल (Electrical) सामान जिसे खराब होने या ठीक से काम न करने पर फेंक दिया जाता है. उसे E-Waste कहते हैं.

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अधिकारी के मुताबिक, ‘कॉमन चार्जर’ की संभावनाएं तलाशने के लिए 17 अगस्त को मोबाइल फोन विनिर्माताओं और इस क्षेत्र से जुड़ी उपकरण बनाने वाली कंपनियों को बैठक के लिए बुलाया गया है.

इस अधिकारी ने कहा, ‘अगर मोबाइल कंपनियां यूरोप और अमेरिकी बाजारों में एक चार्जिंग सिस्टम अपना सकती हैं, तो फिर वे ऐसा भारत में क्यों नहीं कर सकती हैं? स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में एक कॉमन चार्जर होना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि अगर भारत इस तरह के बदलाव के लिए जोर नहीं देता है तो इस तरह के डिवाइस को भारत में लाकर डंप किया जा सकता है.

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अभी हर डिवाइस के लिए अलग चार्जर खरीदना पड़ता है.
यूरोपीय संघ ने हाल ही में छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए साल 2024 तक यूएसबी-सी पोर्ट वाले कॉमन चार्जिंग मानक को लागू करने की घोषणा की है. इस तरह की मांग अमेरिका में भी जोर पकड़ रही है. मौजूदा समय में किसी भी नए स्मार्टफोन या टैबलेट की खरीदारी के समय यूज़र्स को अलग से चार्जर भी खरीदना पड़ता है. इसकी वजह ये है कि पुराना चार्जर नए डिवाइस के साथ काम नहीं कर पाता है.

Tags: Mobile Phone, Smartphone, Tech news

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