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इतिहास में पहली बार होगी मोबाइल ऐप से जनगणना, काम करेंगे 33 लाख कर्मचारी

News18Hindi
Updated: April 10, 2019, 10:47 AM IST
इतिहास में पहली बार होगी मोबाइल ऐप से जनगणना, काम करेंगे 33 लाख कर्मचारी
जनगणनाकर्मियों के पास अपना मोबाइल इस्तेमाल करने का विकल्प होगा और इसके लिए उन्हें अलग से उचित राशि दी जाएगी.

जनगणनाकर्मियों के पास अपना मोबाइल इस्तेमाल करने का विकल्प होगा और इसके लिए उन्हें अलग से उचित राशि दी जाएगी.

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  • Last Updated: April 10, 2019, 10:47 AM IST
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जनसंख्या किसी भी राष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग संभव हो पाता है बल्कि कुशल, प्रशिक्षित और मेहनती श्रम शक्ति द्वारा आर्थिक और विकास का एक अलग रास्ता भी निकलता है, लेकिन क्या आपको पता है इस बार जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप से किया जाएगा, जिसके लिए सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है.

दरअसल, दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने कहा है कि 2021 में होने वाली 16वीं जनगणना में मोबाइल एप का प्रयोग किया जाएगा. इस तरह भारत में जनगणना के 140 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारत की जनसंख्या की गणना मोबाइल एप से की जाएगी. कार्यक्रम में राजीव गौबा ने ये भी कहा है कि इसके लिए गणनाकरों को प्रोत्साहित किया जाएगा.

राजीव गौबा ने ये भी कहा है कि दुनिया की इस सबसे बड़ी जनगणना के लिए 33 लाख जनगणनाकर्मियों की आवश्यकता होगी, इसके लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है. जनगणनाकर्मियों के पास अपना मोबाइल इस्तेमाल करने का विकल्प होगा और इसके लिए उन्हें अलग से उचित राशि दी जाएगी. अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने वाले कर्मियों को कागज पर आंकड़े एकत्र कर उन्हें एप में डालना होगा.

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गृह सचिव ने कार्यक्रम में कहा कि आंकड़े इकट्ठा करने में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को देखते हुए इस बार गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आंकड़ों का दुरुपयोग न हो. उन्होंने ये भी कहा है कि जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में 1 अक्टूबर 2020 से जनगणना का काम शुरू हो जाएगा जबकि शेष देश में यह 1 मार्च 2021 से होगा.

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बता दें कि भारत में पहली जनगणना 1872 ई. में ‘लार्ड मेयो’ के कार्यकाल में हुई थी. वहीं ‘लार्ड रिपन’ के समय से प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर जनसंख्या का क्रमवार आकलन प्रारंभ हो गई. डब्ल्यु. सी. प्लाउडेन भारत के प्रथम जनगणना आयुक्त थे. याद करा दें कि साल 2001 में भारत की जनगणना 23.8 करोड़ था जो 2011 में 13 करोड़ हो गया. जैसा की हम सब जानते हैं जनसंख्या की गणना हर 10 साल पर होता है. ऐसे में अब 16वीं जनगणना साल 2021 में होगी.

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First published: April 10, 2019, 9:55 AM IST
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