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Social Media Influencers के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा केंद्र, छिपाकर नहीं कर पाएंगे पेड प्रमोशन

Social Media Influencers के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा केंद्र

Social Media Influencers के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा केंद्र

केंद्र सरकार जल्द ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी. सूत्रों ने कहा कि ग्राहकों को किसी भी तरह ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

केंद्र सरकार जल्द ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी.
ग्राहकों को झूठे दावों से सावधान करने और बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
इस संबंध में केंद्र सरकार 10 दिनों में SoP भी जारी कर सकती है.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार जल्द ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी. सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 को बताया कि Social Media Influencers को जल्द ही ब्रांड के साथ अपने एसोसिएशन की घोषणा करनी होगी, नहीं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. केंद्र सरकार ऑनलाइन कन्ज्यूमर्स की सुरक्षा के लिए 10 दिनों में एक मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) भी जारी कर सकती है.

सूत्रों ने कहा कि ग्राहकों को किसी भी तरह के झूठे दावों से सावधान करने और बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. सूत्रों ने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति जो Social Media Influencers है और किसी विशेष ब्रांड को आगे बढ़ा रहा है, तो उसे अब ब्रांड को लेकर सफाई देनी होगी.’  इसके अलावा अगर कोई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स किसी कंटेट का पेड प्रमोशन करता है, तो उसे इस बारे में डिस्क्लेमर भी देना होगा.

उल्लंघन करने पर भरना होगा जुर्माना
अगर कोई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर कोई  शख्स बार-बार नियमों का उल्लंघन करेगा तो 50 लाख रुपये का मोटा जुर्माना भरना होगा. भले ही वह कितनी बड़ी सेलेब्रिटी हो, जुर्मान भरना होगा.

CAIT  ने की थी अपील
बता दें कि हाल ही में व्यापारियों के निकाय CAIT  ने ऑनलाइन कन्ज्यूमर्स को प्रोडक्ट्स और सर्विस के फेक रिव्यू से बचाने के लिए ब्रांड एंडोर्सर्स, Social Media Influencers और ब्लॉगर्स को प्रस्तावित ढांचे के तहत लाने का आह्वान किया था. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने यह भी तर्क दिया था कि किसी प्रोडक्ट या सर्विस की रेटिंग को समीक्षा को नीतिगत ढांचे का एक हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

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कंपनियों से मिलते हैं मुफ्त आइटम 
CAIT ने कहा कि ब्रांड एंडोर्सर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, ब्लॉगर्स को प्रोडक्ट और सर्विस की फेक और भ्रामक रिव्यू को नीति के दायरे में लाया जाना चाहिए. गौरतलब है कि इन्फ्लुएंसर्स और ऐसे अन्य लोग जो कंपनियों से मुफ्त आइटम लेते हैं, उन्हें मुफ्त आइटम प्राप्त करने के लिए पहले से ही करों का भुगतान करना पड़ता है.

टीडीएस का भुगतान
आयकर विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश इसी साल एक जुलाई से लागू हो गए हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इन नए नियमों के लिए जारी अपने दिशा-निर्देशों में अधिसूचित किया था कि लाभ प्राप्त करने वालों को नए कर नियमों के तहत 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा. नए नियम के तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को कार, मोबाइल, ड्रेस, कॉस्मेटिक आदि जैसे प्रोडक्ट लेने पर 10 प्रतिशत टीडीएस का भुगतान करना होगा. हालांकि, अगर प्रोडक्ट सर्विस का उपयोग करने के बाद कंपनी को वापस कर दिया जाता है, तो यह धारा 194R के तहत नहीं आएगा.

Tags: Blog, Social media, Tech news, Tech News in hindi, Technology

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