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Chandrayaan-2: ISRO के पूर्व साइंटिस्‍ट ने बताया- क्‍यों चंद्रयान-1 से बेहतर है चंद्रयान-2?

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण ने ट्वीट किया, ' अगर हम चंद्रयान-1 से चंद्रयान-2 की तुलना करेंगे तो इसमें बेसिक अंतर सॉफ्ट लैंडिंग का है. चंद्रयान-1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (PSLV) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था.

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण ने ट्वीट किया, ' अगर हम चंद्रयान-1 से चंद्रयान-2 की तुलना करेंगे तो इसमें बेसिक अंतर सॉफ्ट लैंडिंग का है. चंद्रयान-1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (PSLV) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था.

Chandrayaan-2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान -2 (Chandrayaan 2 ) अंतरिक्ष यान शनिवार को सुबह 1.30 से 2.30 बजे के बीच कभी भी चंद्रमा (Mission Moon) पर उतरेगा.

  • News18Hindi
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    देश के लिए शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात काफी अहम है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान -2 (Chandrayaan 2 ) अंतरिक्ष यान शनिवार को सुबह 1.30 से 2.30 बजे के बीच  चंद्रमा (Mission Moon) पर उतरेगा. पूरी दुनिया की निगाहें लैंडर 'विक्रम' (Vikram) और रोवर 'प्रज्ञान' (Pragyan) की चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग पर होगी. इस बीच इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने चंद्रयान-1 की तुलना में चंद्रयान-2 में बुनियादी अंतर बताया है.

    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण ने ट्वीट किया, ' अगर हम चंद्रयान-1 से चंद्रयान-2 की तुलना करेंगे तो इसमें बेसिक अंतर सॉफ्ट लैंडिंग का है. चंद्रयान-1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (PSLV) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था. जबकि चंद्रयान-2 को लॉन्‍च करने के लिए GSLV Mk II तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है. हमारी क्षमता बढ़ी है, अब हम और ज्‍यादा क्षमता का उपग्रह भेज सकते हैं.'

    ISRO चेयरमैन ने कहा- चांद की सतह पर पहुंचने में इतना समय लगेगा
    लैंडिंग के बारे में बताते हुए ISRO चेयरमैन सिवन ने कहा कि एक बार मनुवर लगभग 30 किमी से शुरू होकर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा, इसमें 15 मिनट का समय लगेगा. लैंडर की यह 15 मिनट की यात्रा इसरो के लिए नई है. यह पहली बार है जब हम किसी अन्य जगह जा रहे हैं, जहां कोई वातावरण नहीं है और प्रपल्शन सिस्टम का उपयोग करके हमें वेलॉसिटी को तोड़ना होगा और लैंडर को सुरक्षित रूप से सॉफ्ट लैंड पर लाना होगा.'

    ISRO ने विक्रम के लिए खास ट्वीट किया.


    इसरो ने कहा- कई रहस्‍यों को उजागर करेंगे
    ISRO ने विक्रम के लिए खास ट्वीट किया. ISRO ने लिखा- विक्रम और ऑर्बिटर के लिए हमारी यही इच्छाएं हैं. विक्रम और प्रज्ञान के संपर्क में रहना चाहते हैं क्योंकि वे चांद के दक्षिण ध्रुव पर अपना रास्ता बनाएंगे और इसके कई रहस्यों को उजागर करेंगे.'

    पीएम मोदी ने कहा- आप लोग भी विशेष क्षणों को देखें
    पीएम मोदी ने कहा, 'मैं 22 जुलाई 2019 को चन्द्रयान - 2 से संबंधित सभी अपडेट को नियमित रूप से और उत्साहपूर्वक ट्रैक कर रहा हूं. यह मिशन भारतीय प्रतिभा और तप की भावना को प्रदर्शित करता है. इसकी सफलता से करोड़ों भारतीय लाभान्वित होंगे. मैं आप सभी से चंद्रयान के विशेष क्षणों को देखने का आग्रह करता हूं - 2 चंद्र दक्षिण ध्रुव पर उतरते हुए! अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. मैं उनमें से कुछ को फिर से ट्वीट भी करूंगा.'

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    पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि 'मैं भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में असाधारण क्षण का गवाह बनने के लिए बेंगलुरु के इसरो केंद्र पहुंचने के लिए उत्साहित हूं. उन विशेष पलों को देखने के लिए विभिन्न राज्यों के युवा भी मौजूद रहेंगे! भूटान के युवा भी होंगे. जिन नौजवानों के साथ मैं बेंगलुरु में इसरो सेंटर के विशेष क्षणों को देखूंगा, वे शानदार दिमाग वाले हैं जिन्होंने MYGOV पर इसरो स्पेस क्विज जीता. इस क्विज में बड़े पैमाने पर भागीदारी विज्ञान और अंतरिक्ष में युवाओं की रुचि को प्रदर्शित करती है. यह एक महान संकेत है!

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