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पेरेंट्स और बच्चों के बीच रिश्ते खराब कर रहा है स्मार्टफोन, क्या आप भी मानते हैं?

पेरेंट्स और बच्चों के बीच रिश्ते खराब कर रहा है स्मार्टफोन, क्या आप भी मानते हैं?

एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि बच्चों और माता-पिता के बीच खाई बढ़ाने का काम भी स्मार्टफोन कर रहा है.

एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि बच्चों और माता-पिता के बीच खाई बढ़ाने का काम भी स्मार्टफोन कर रहा है.

एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि बच्चों और माता-पिता के बीच खाई बढ़ाने का काम भी स्मार्टफोन कर रहा है. लगभग 90 प्रतिशत माता-पिता इस बात को स्वीकार करते हैं. अभिभावकों ने माना कि उनके द्वारा स्मार्टफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से बच्चे आक्रामकता के लक्षण (Signs of Aggression) प्रदर्शित करते हैं. बच्चों के साथ बिताया ‘क्वालिटी टाइम’ भी बुरे-से-बुरा होता जा रहा है, क्योंकि बच्चों के साथ समय बिताते समय भी 80 प्रतिशत माता-पिता फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं. 4 प्रतिशत भारतीय माता-पिता महसूस करते हैं कि स्मार्टफोन की वजह से अपने बच्चों के साथ उनके रिश्ते खराब हो सकते हैं.

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    नई दिल्ली. बेशक स्मार्टफोन्स ने इंसान की जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसके चलते कई समस्याएं भी पैदा हो गई हैं. एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि बच्चों और माता-पिता के बीच खाई बढ़ाने का काम भी स्मार्टफोन कर रहा है. लगभग 90 प्रतिशत माता-पिता इस बात को स्वीकार करते हैं. अभिभावकों ने माना कि उनके द्वारा स्मार्टफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से बच्चे आक्रामकता के लक्षण (Signs of Aggression) प्रदर्शित करते हैं. इसके साथ ही बच्चों में स्वीकार करने लायक नैतिक और सामाजिक व्यवहार का भी अभाव है.

    बच्चों के साथ बिताया ‘क्वालिटी टाइम’ भी बुरे-से-बुरा होता जा रहा है, क्योंकि बच्चों के साथ समय बिताते समय भी 80 प्रतिशत माता-पिता फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं. 74 प्रतिशत भारतीय माता-पिता महसूस करते हैं कि स्मार्टफोन की वजह से अपने बच्चों के साथ उनके रिश्ते खराब हो सकते हैं.

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    उत्पादकता बढ़ी, लेकिन बच्चों से संबंध हुए खराब
    चीनी स्मार्टफोन निर्माता, Vivo ने CMR के साथ किए गए अध्ययन के अपने तीसरे संस्करण ‘इम्पैक्ट ऑफ स्मार्टफोन्स ऑन ह्यूमन रिलेशनशिप 2021’ के निष्कर्षों की घोषणा की है. इसमें बच्चों और उनके माता-पिता दोनों द्वारा मोबाइल डिवाइसेस के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों पर व्यवहारिक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

    अध्ययन बताता है कि 80% से अधिक लोग इस बात से सहमत हैं कि स्मार्टफोन उनकी उत्पादकता (Productivity) को बढ़ाने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करते हैं. हालांकि, स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से माता-पिता में लत लग रही है और इससे उनके बच्चों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं.

    सर्वे में कहा गया है कि स्मार्टफोन पर बिताया जाने वाला औसत दैनिक समय (कोविड के बाद) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, क्योंकि कोविड से पहले स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले समय में 32% की वृद्धि हुई है.

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    स्मार्टफोन इस्तेमाल के प्रति रहें सावधान
    वीवो इंडिया में ब्रांड स्ट्रैटेजी के नवनियुक्त निदेशक योगेंद्र श्रीरामुला ने कहा, “अत्यधिक इस्तेमाल मानवीय संबंधों और व्यवहार को प्रभावित कर रहा है. 2019 और 2020 में विवो ने अपनी स्टडी में रिश्तों पर व्यापक प्रभाव (Broad impact on relationships) पर फोकस किया. 2021 के वीवो-सीएमआर अध्ययन में, हम माता-पिता से कुछ ऐसा पूछना चाहते थे जो उनके अचेतन मन को पहले से ही हो – क्या स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग उनके बच्चों के साथ उनके संबंधों में बाधा उत्पन्न कर रहा है और उनके मनोवैज्ञानिक (Psychological) और संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास को प्रभावित कर रहा है? एक ब्रांड के रूप में जो लोगों के लिए खुशी लाना चाहता है, यह अध्ययन वास्तव में माता-पिता के लिए एक संदेश है कि उन्हें अपने स्मार्टफोन के उपयोग के प्रति सावधान रहना चाहिए, खासकर अपने बच्चों के साथ उनका उपयोग करते समय.”

    Tags: Children, Relationship, Smartphone

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