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चीन में 50 शहरों में 5जी सेवाएं शुरू, जानें मंथली पैक के लिए देने होंगे कितने रुपए

News18Hindi
Updated: October 31, 2019, 8:16 PM IST
चीन में 50 शहरों में 5जी सेवाएं शुरू, जानें मंथली पैक के लिए देने होंगे कितने रुपए
5जी नेटवर्क

चीन ने तय समय से पहले 5जी नेटवर्क्स शुरू कर के अमेरिका को कड़ी टक्कर दी है. बीजिंग में हुई टेक्नॉलजी कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने घोषणा की कि तीन बड़े टेलीकॉम प्रोवाइडर्स शुक्रवार से कमर्शियल 5जी सर्विसेस शुरू करने जा रहे हैं

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  • Last Updated: October 31, 2019, 8:16 PM IST
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बीजिंग: चीन की तीन सरकारी दूरसंचार कंपनियों ने गुरुवार को 5जी सेवाओं की शुरुआत की. चाइना मोबाइल ने बीजिंग, शंघाई, शेनझेन समेत 50 शहरों में 5जी सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है. 5जी पैक की शुरुआती मासिक दर 128 युआन यानी करीब 1,300 रुपए है. प्रतिस्पर्धी कंपनियों चाइना टेलीकॉम और चाइना यूनिकॉर्न की वेबसाइटों के अनुसार, उन्होंने भी इसी से मिलती-जुलती दरों पर प्रमुख शहरों में 5जी सेवाएं शुरू की हैं.

तय समय से पहले 5जी उतारा
चीन ने तय समय से पहले 5जी नेटवर्क्स शुरू कर के अमेरिका को कड़ी टक्कर दी है. बीजिंग में हुई टेक्नॉलजी कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने घोषणा की कि तीन बड़े टेलीकॉम प्रोवाइडर्स शुक्रवार से कमर्शियल 5जी सर्विसेस शुरू करने जा रहे हैं और वो भी प्लान से दो महीने पहले. चीन इस साल के अंत तक 50 से ज्यादा शहरों में 5जी सर्विस लाना चाहता है.

5जी ने दुनिया का ध्यान खींचा

पिछले कुछ साल में 5जी ने सरकारों और इंडस्ट्रीज का काफी ध्यान खींचा है. 5जी को इंटरनेट के लिए वरदान के रूप में देखा जा रहा है. इसका उपयोग सिर्फ चुटकियों में मूवी डाउनलोड करने के लिए ही नहीं, बल्कि सेल्फ ड्राइविंग कार्स, रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड ट्रैफिक लाइट्स जैसी चीजों के लिए भी किया जाएगा.

5जी के लिए पड़ती है हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम्स की जरूरत
इस साल की शुरुआत में अमेरिका में AT&T, Verizon और T-Mobile जैसे प्रोवाइडर्स ने कंज्यूमर्स के लिए कुछ चुनिंदा मार्केट्स में 5जी नेटवर्क्स अवलेबल कराए थे. इस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर रहे कंज्यूमर्स आज बेहद फास्ट इंटरनेट का मजा ले पा रहे हैं. 5जी के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम्स की जरूरत पड़ती है. लेकिन हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम्स ज्यादा बड़े इलाके को कवर नहीं करते हैं. चीन और दुनिया के अन्य देश, जहां 5जी का इस्तेमाल हो रहा है, वहां लो से मिड फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम पर ही 5जी को चलाया जा रहा है, क्योंकि कम लेवल वाले स्पेक्ट्रम ज्यादा एरिया कवर करते हैं.

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First published: October 31, 2019, 8:15 PM IST
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