लॉकडाउन के दाैरान भारत में 7 लाख साइबर अटैक, चार साल में दस गुना बढ़े, जानिए आप कैसे रह सकते हैं सुरक्षित

इन तरीकों से खुद को रखें सेफ

इन तरीकों से खुद को रखें सेफ

इंटरनेट के इस्तेमाल में यदि आप भी लापरवाही बरतते है ताे हाे सकता है कि आप साइबर अटैक का अगला शिकार हाे. ऐसा इसलिए क्याेंकि भारत में जिस रफ्तार से इनके मामले बढ़ते जा रहे है वाे ना सिर्फ चिंता का विषय है बल्कि खुद काे अलर्ट करने का भी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 4:29 PM IST
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अमित देशमुख. भारत दूसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस है, पिछले दिनाें इंटरनेट साइट स्टेटिस्टा जारी की गई रिपाेर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2020 तक इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब 70 करोड़ थी जाे आने वाले पांच सालाें में बढ़कर  97.4 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार है दिलचस्प बात यह है कि इसकी संख्या इतनी है कि दुनिया के कई विकसित देशों की आबादी तक नहीं है. निश्चित है जब इतनी बड़ी संख्या में भारत में इंटरनेट यूजर्स है ताे सायबर अटैक के मामले भी बढ़ेंगे, लेकिन हैरानी की बात यहां यह है कि जिस रफ्तार से इंटरनेट यूजर्स बढ़ रहे है उससे भी कई रफ्तार से भारत में साइबर अटैक. हाल ही में जारी इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्राैद्याेगिकी मंत्रालय की रिपाेर्ट भी इस बात की तस्दीक करती है कि भारत में लगातार साइबर अटैक के मामले बढ़ रहे है.



सिर्फ लॉकडाउन में ही करीब 7 लाख अटैक



इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्राैद्याेगिकी मंत्रालय की रिपाेर्ट के अनुसार लॉकडाउन में करीब 7 लाख साइबर अटैक किए गए. भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल यानि की सर्ट-इन द्वारा बताई और ट्रैक की गई जानकारी के अनुसार जनवरी 2020  से मार्च के बीच (113334 ), अप्रैल से जून (230223) और जुलाई से अगस्त 2020 के दाैरान 353381 साइबर अटैक हुए. कुल मिलाकर 6,96,938 साइबर अटैक भारत में हुए.



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चार सालाें में दस गुना बढ़े मामले



रिपाेर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में जहां भारत में कुल 53,117 साइबर अटैक के मामले हुए थे वहीं अगले साल यानि वर्ष 2018 में यह बढ़कर 2,08,456 हाे गए, इसके अगले साल वर्ष 2019 में इनकी संख्या 3,94,499  थी ताे अगस्त 2020 तक ही यह 6,96,938 हाे गई. देखा जाए चार सालाें में भारत में कुल 13,53,010 अटैक हुए जाे कि दस गुना वृद्दि की ओर संकेत दे रहे है.



क्या होते है साइबर अटैक





जिस तरह एक क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लड़ाई लड़ी जाती है, उसी तरह डिजिटल दुनिया में एक नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने के लिए साइबर हमले किए जाते हैं. किसी सिस्टम का एक्सेस और डेटा पर कंट्रोल पाने करने के लिए हैकर्स अनैतिक साधनों का इस्तेमाल करते हैं. ये हमलावर एक कमजोर सिस्टम पर हमला करने और उस पर कंट्रोल पाने के लिए मैलिशियस कोड के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करते हैं.



साइबर सिक्योरिटी अटैक कई तरह के होते है. इसमें मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डेनायल-ऑफ-सर्विस (DoS), मैन-इन--मिडिल (MITM) आदि शामिल हैं, जो सिस्टम को हैक करने, क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे की मांग के लिए या फिर डार्क वेब पर डेटा बेचते के लिए इस्तेमाल किया जाता है. 



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ऐसे रखे  खुद को कैसे सुरक्षित



- फोरम या वेबसाइट्स पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल आदि शेयर करें.



- सुनिश्चित करें कि आपका पासवर्ड कठीन हो और ऐसा कुछ हो जिसका आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सके. उदाहरण के लिए ज़रूरी अकाउंट के लिए अपने नाम, जन्मतिथि या 12345 जैसे कॉमन पासवर्ड का इस्तेमाल करने से बचें. इसके बजाय अलग-अलग कैरेक्टर और नंबर के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करें.



- लिंक पर क्लिक करने से पहले, सुनिश्चित करें कि वेबसाइट वैध है. मैसेज में या URL में किसी भी तरह की स्पेलिंग की गलतियों की जांच करें.



- अपने सिस्टम को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ अपने अपडेट करें. ये अपडेट मौजूदा बग्स को ठीक करने के उद्देश्य से हैं और सिस्टम की सुरक्षा को भी बेहतर बनाते हैं.



- भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टेवेयर का इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को बार स्कैन करते रहें.



- स्पैम मैसेज और ईमेल को खोलें और ही जवाब दें.



- ओपन वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें. ये नेटवर्क सुरक्षित नहीं होते हैं और हैकर्स आसानी से आपके डेटा तक पहुंच प्राप्त करने के लिए एक मैलिशियस कोड इंजेक्ट कर सकते हैं.



- एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल करें जो आपके और वेबसाइट के बीच एक सुरक्षित टनल बनाता है


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