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Pre-Paid Mobile यूजर्स के पक्ष में कोर्ट का बड़ा फैसला! टेलीकॉम कंपनियां नहीं छीन सकतीं पोर्टेबिलिटी का अधिकार

Pre-Paid Mobile यूजर्स के पक्ष में कोर्ट का बड़ा फैसला! टेलीकॉम कंपनियां नहीं छीन सकतीं पोर्टेबिलिटी का अधिकार

हाई कोर्ट ने कहा कि दूरसंचार कंपनी ग्राहकों को एक एसएमएस (SMS) पर पोर्टेबिलिटी सुविधा देने से किस आधार पर परहेज कर रही है.

हाई कोर्ट ने कहा कि दूरसंचार कंपनी ग्राहकों को एक एसएमएस (SMS) पर पोर्टेबिलिटी सुविधा देने से किस आधार पर परहेज कर रही है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने दूरसंचार विवाद समाधान अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जो प्रीपेड मोबाइल फोन यूजर्स को नंबर पोर्टेबिलिटी के अधिकार से रोकता है.

    नई दिल्ली. अगर आप प्रीपेड मोबाइल यूजर्स (Prepaid Mobile Users) हैं तो दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) को लेकर आपके पक्ष में बड़ा फैसला दिया है. इस फैसले के तहत दूरसंचार कंपनियां (Telecom Companies) प्रीपेड मोबाइल यूजर्स से पोर्टेबिलिटी का अधिकार नहीं छीन सकती हैं.

    दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दूरसंचार विवाद समाधान अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जो प्रीपेड मोबाइल फोन यूजर्स को नंबर पोर्टेबिलिटी के अधिकार से रोकता है. जस्टिस रेखा पल्ली ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के पक्ष में दिया है.

    वोडाफोन आइडिया को नोटिस
    जस्टिस पल्ली ने इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को नोटिस भी जारी किया है. याचिका में दूरसंचार अपीलीय न्यायाधिकरण के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से जुड़े दूरसंचार नियामक ट्राई के फैसले पर रोक लगाई गई थी.

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    किस आधार पर सुविधा नहीं दे रहीं कंपनियां
    ट्राई की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि दूरसंचार कंपनी ग्राहकों को एक एसएमएस (SMS) पर पोर्टेबिलिटी सुविधा देने से किस आधार पर परहेज कर रही है. इससे पहले ट्राई ने 7 दिसंबर, 2021 के अपने फैसले में सभी दूरसंचार कंपनियों को एक एसएमएस भेजकर पोर्टेबिलिटी का अधिकार ग्राहकों को देने को कहा था. इसके लिए दूरसंचार कंपनियों को एक विशेष कोड (Special Code) जारी करना था. ट्राई के इस आदेश के खिलाफ वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने टीडीसैट में अपील दायर की थी. टीडीसैट ने 24 दिसंबर को इस आदेश पर रोक लगा दी.

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    जियो की शिकायत के बाद ट्राई ने दिया था आदेश
    दूरसंचार नियामक ट्राई ने रिलायंस जियो की शिकायत के बाद प्रीपेड मोबाइल यूजर्स को पोर्टेबिलिटी का अधिकार देने को कहा था. जियो ने अपनी शिकायत में वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) पर आरोप लगाया था. जियो ने कहा था कि दोनों कंपनियां मोबाइल नंबर पोर्ट कराने वाले यूजर्स के लिए मुश्किलें पैदा कर रही हैं. इस शिकायत के बाद ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को पोर्टेबिलिटी सुविधा देने का आदेश दिया था, जिसे वोडाफोन आइडिया ने टीडीसैट में चुनौती दी थी.

    Tags: DELHI HIGH COURT, Telecom business, TRAI

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