5 लाख भारतीयों को 150 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले चाइनीज ऐप का हुआ भंडाफोड़! आप भी तो नहीं करते इस्तेमाल

कुछ फर्जी ऐप Google Play Store पर भी रजिस्टर्ड हैं

दिल्ली पुलिस ने 150 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में मामले में तिब्बत की एक महिला और 8 दूसरे लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर चाइना स्थिति कंपनियों द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप के जरिए 5 लाख भारतीयों से वित्तीय धोखा-धड़ी का आरोप है.

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    नई दिल्ली. टेक्नोलॉजी के साथ ही लोग भी अब स्मार्ट होते जा रहे हैं. एक तरफ जहां टेक्नोलॉजी के अपने फायदे हैं तो इसका गलत इस्तेमाल करने वालों की भी कोई कमी नहीं है. आपने पैसा डबल करने की स्कीम के बारे में तो सुना ही होगा. ऐसा करने वाले लोग पहले जहां लोगों से मिलकर उन्हें झूठे सपने दिखाकर पैसा सामने ही लगवाते थे वहीं यह काम भी अब ऑनलाइन हो रहा है वो भी बकायदा ऐप का इस्तेमाल कर.

    टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस ने 150 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में मामले में तिब्बत की एक महिला और 8 दूसरे लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर चाइना स्थिति कंपनियों द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप के जरिए 5 लाख भारतीयों से वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप है. इन फर्जी चाइनीज ऐप के जरिए चीन ने ना केवल लाखों लोगों का डाटा चुराया बल्कि उनके पैसे दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली. दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने सोशल मीडिया पर ठगी के शिकार लोगों की शिकायतों को खुद ही संज्ञान में लेते हुए इस फर्जीवाडे से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार कर बड़े स्कैम का फंडाभोड़ किया है.

    इन क्विक अर्निंग ऐप का करते थे इस्तेमाल
    इस जालसाजी में like EZPlan और PowerBank क्विक अर्निंग जैसे ऐप को उपयोग में लाते हुए कस्टमर को पैसे दोगुने करने का लालच दिया गया औऱ 2 महीने में 110 शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई. इन फर्जी ऐप के जरिए लोगों को 24 से 35 दिनों में उनके पैसे दोगुने करने का लालच दिया जाता था। इन ऐप में 300 रुपये से लेकर कई लाख रुपये में निवेश शुरु करने का विकल्प दिया गया था. साथ ही इनमें घंटे और दैनिक आधार पर रिटर्न का भी वादा किया जाता था.

    PowerBank ऐप गूगल पर चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रहा था
    गौरतलब है कि इनमें से PowerBank ऐप गूगल पर चौथे नंबर पर ट्रेन्ड कर रहा था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी साइबर क्राइम Anyesh Roy ने कहा कि इन 2 फर्जी ऐप्स के बारे में सोशल मीडिया पर काफी शिकायतें मिल रही थीं. पुलिस ने इन ऐप्स के बारे में गहन जांच की जिससे यह पता चला कि EZPlan ऐप www.ezplan.in पर उपलब्ध था जबकि PowerBank ऐप अपने को बेंगलूरु स्थित स्टार्टअप बता रहा था. गहन जांच से पता चला कि ये दोनों ऐप्स चाइना स्थित सर्वर से हॉस्ट किए जा रहे थे.

    इन ऐप से भी रहें दूर
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तरह के कई और भी ऐप है जो लोगों से जालसाजी कर रहे हैं. इसमें PowerBank, EZCoin, Sun Factory, Lightening PowerBank आदि शामिल हैं. इनमें से कुछ फर्जी ऐप Google Play Store पर भी रजिस्टर्ड हैं.

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