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Email करते वक्त किसे रखें Cc और Bcc में, जानें अंतर

News18Hindi
Updated: June 26, 2019, 5:06 AM IST
Email करते वक्त किसे रखें Cc और Bcc में, जानें अंतर
To में हम उस व्यक्ति की ईमेल आईडी डालते हैं, जिसको सीधा मेल भेजना चाहते हैं. सीसी में हम उस शख्स की ईमेल आईडी डालते हैं, जिसको हमें ये जानकारी देनी होती है.

'To' में हम उस व्यक्ति की ईमेल आईडी डालते हैं, जिसको सीधा मेल भेजना चाहते हैं. सीसी में हम उस शख्स की ईमेल आईडी डालते हैं, जिसको हमें ये जानकारी देनी होती है.

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आजकल हम सभी मेल आईडी का यूज़ करते हैं. मेल भेजते वक्त हमारे सामने टू सीसी और बीसीसी तीन ऑप्शन्स भी दिखते हैं. लेकिन हममें से काफी लोगों को ये नहीं पता होगा कि किस ऑप्शन का प्रयोग कहां किया जाता है. तो आज हम आपको बताते हैं कि इन ऑप्शन्स का प्रयोग कहां किया जाता है-
'To' में हम उस व्यक्ति की ईमेल आईडी डालते हैं जिसको सीधा मेल भेजना चाहते हैं. Cc में हम उस शख्स की ईमेल आईडी डालते हैं जिसको हमें ये जानकारी देनी होती है कि किसे मेल भेजा गया है लेकिन हम उसे एड्रेस करके मेल भेजते हैं.

TO और CC में क्‍या फर्क है ?
अब एक सवाल मन में उठता है कि आखिर To और Cc field में फर्क क्या है. लेकिन अगर आप चार लोगों का नाम टू में जाकर मेल करते हैं तो उनमें से एक दूसरे को ये पता नहीं चल पाएगा कि आखिर किन किन लोगों को मेल भेजा गया है.

जबकि Cc का मतलब होता है Carbon Copy. अगर आप किसी वयक्ति को मेल भेज रहे हैं और चाहते हैं कि बाकी लोगों को इसके बारे में जानकारी रहे तो आप उन सभी लोगों को सीसी में रख सकते हैं. ऐसा अक्सर तब किया जाता है जब हमें किसी सीनियर को इसके बारे में जानकारी देनी होती है. इससे सीनियर को ये भी पता चल जाता है कि मेल का जवाब क्या दिया गया. जिसको सीसी में रखा जाता है उसके बारे में मूल व्यक्ति को भी पता चल जाता है. (ये भी पढ़ें- Gmail अकाउंट हैक होने पर आसानी से रिकवर कर सकते हैं आप, अपनाएं ये 8 स्टेप्स)

इसको अगर एक उदाहरण से समझना चाहें तो ऐसे समझ सकते हैं- मानलो कि आपकी कंपनी में एक ग्राहक की कोई समस्‍या आई, अब आपका बॉस उस समस्‍या काे सही करने की जिम्‍मेदारी आपको देता है, लेकिन वो देखना भी चाहता है कि आप ग्राहक से ईमेल के द्वारा क्‍या बात करते हैं. तो आप अपने ग्राहक का ईमेल एड्रेस To में डालकर अपने बॉस का एड्रेस Cc में रख सकते है. इससे वो ईमेल जो आप ग्राहक को भेज रहे हो उसकी कार्बन कॉपी आपके बॉस को भी जाएगी.

Bcc क्या है?
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Bcc का फुल फॉर्म है Blind Carbon Copy. Bcc, To और Cc से बिल्कुल अलग है. To और Cc वाले इंसान एक दूसरे की ईमेल आई़डी देख सकते हैं. अगर आप Email भेजने के लिए Bcc का इस्तेमाल करते हैं तो Bcc दोनों (To and Cc) से गुप्त रहेगा. अगर हम एक ही E-mail 3 लोगों को भेजें, एक को To में Add करें और दूसरे इंसान को Cc में Add करें और तीसरे इंसान को Bcc में Add करें तो To and Cc एक दूसरे की ईमेल ID देख सकते हैं. कि मेरे अलावा किस-किस Person को यह Email भेजी गई है. लेकिन Bcc वाला इंसान न तो To वाले को दिखाई देगा और न ही Cc वाले को दिखाई देगा, यानी कि दोनों से गुप्त रहेगा. (ये भी पढ़ें- Aadhaar से जुड़ी ये 5 बातें आपके लिए है ज़रूरी, कई काम होंगे आसान)

Cc और Bcc में फर्क ?
जब आप Cc करते है तो Cc की लिस्ट भी ईमेल रिसीव करने वाले लोगों को पता चल जाता है. लेकिन Bcc करने से ईमेल लिस्ट गुप्‍त रहती है और किसी को भी नहीं पता चलता कि किस-किस को ईमेल की कॉपी भेजी गई है. एक और फर्क है, Cc में लिस्ट को रिप्लाई का भी पता चलता रहता है लेकिन Bcc लिस्ट में reply छिप जाता है.

 

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First published: June 26, 2019, 5:06 AM IST
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