FACEBOOK को इस वजह से देना पड़ सकता है अरबों रुपये का हर्जाना

यूजर्स का दावा है कि फेसबुक ने बिना उनकी इजाजत के फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए बायोमीट्रिक डेटा इकट्ठा किए.

News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 5:31 PM IST
FACEBOOK को इस वजह से देना पड़ सकता है अरबों रुपये का हर्जाना
यूजर्स का दावा है कि फेसबुक ने बिना उनकी इजाजत के फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए बायोमीट्रिक डेटा इकट्ठा किए.
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Updated: April 17, 2018, 5:31 PM IST
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को एक क्लास एक्शन लॉसूट (ऐसा मुकदमा जिसमें कई लोगों को किसी एक प्रॉडक्ट या चीज से नुकसान होता है) में अरबों डॉलर का हर्जाना देना पड़ सकता है. यह बात अलगृ-अलग रिपोर्ट्स में कही गई है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फेसबुक को फेशियल रिकॉग्निशन को लेकर मुकदमे में यह हर्जाना देना पड़ सकता है. यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स डोनाटो ने अपने फैसले में कहा है कि इलिनोइस के तीन यूजर्स फेसबुक पर मुकदमा चला सकते हैं. इन यूजर्स का दावा है कि फेसबुक ने बिना उनकी इजाजत के फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए बायोमीट्रिक डेटा इकट्ठा किए.

यूजर्स का इशारा फेसबुक के टैग सग्जेस्शन फीचर की तरफ है, जो कि फेशियल रिकॉग्निशन का इस्तेमाल करके यह बताता है कि आप फोटो में किसको टैग कर सकते हैं. तीनों यूजर ने इलिनोइस स्टेट लॉ के तहत मुकदमा किया था, इस एक्ट का नाम बायोमीट्रिक इंफॉर्मेशन प्राइवेसी एक्ट है, इसमें फिंगरप्रिंट, रेटिना स्कैन, फेशियल रिकॉग्निशन डेटा जैसी पर्सनल इंफॉर्मेशन को प्रोटेक्शन दिया गया है.

यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स डोनाटो की तरफ से इस मुकदम को क्लास एक्शन की तरह वर्गीकृत करने का मतलब है कि राज्यों में लाखों लोग फेसबुक के खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं. इस मुकदमे में हर उस मामले में 5,000 डॉलर तक का हर्जाना मांगा गया है, जिसमें यूजर की इजाजत के बिना उसकी फोटो का इस्तेमाल किया गया है. अगर यह मुकदमा सफल रहता है तो क्लास सूट में हर व्यक्ति को हर्जाना मिलेगा. वहीं, फेसबुक ने कहा है कि इस केस में बिल्कुल सच्चाई नहीं है, हम आक्रामक तरीके से बचाव करेंगे. फेशियल रिकॉग्निशन फिलहाल ब्रिटेन में उपलब्ध नहीं है.
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