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Facebook बना रहा ऐसा टूल, जो पढ़ सकता है आपका दिमाग, जानिए कैसे करेगा काम

फेसबुक का नया टूल पड़ेगा आपका दिमाग
फेसबुक का नया टूल पड़ेगा आपका दिमाग

Facebook एक ऐसे टूल को डेवलप करने में लगा है जो इंसान के दिमाग को पढ़ने में सक्षम होगा. फेसबुक अपने इस नए टूल की मदद से लोगों की सोच को डिटेक्ट करके उसे ऐक्शन में बदल सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 5:48 AM IST
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दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) एक ऐसे टूल को डेवलप करने में लगा है जो इंसान के दिमाग को पढ़ने में सक्षम होगा. Facebook की तरफ से अपनी कंपनी के कर्मचारियों को मंगलवार को एक खास तरह के AI टूल के बारे में जानकारी दी गई, जो दिमाग को पढ़ने में मदद करेगा. कंपनी का कहना है कि टूल बड़े न्यूज आर्टिकल को बुलेट प्वाइंट्स में तोड़ देगा है, जिससे यूजर्स को पूरा आर्टिकल पढ़ने की ज़रूरत नहीं पडेगी. इंसान के दिमाग को पढ़ने के लिए फेसबुक आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके एक ऐसा सेंसर बना रहा है जो उसी हिसाब से काम करने में सक्षम होगा.

BuzzFeed की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ फ़ेसबुक ने अपने इंप्लॉइज को बताया है कि कंपनी एक ऐसा टूल डेवेलप कर रही है जो न्यूज़ आर्टिकल को समराइज कर देगा, ताकि यूज़र्स को उन्हें पढ़ने की ज़रूरत ही न हो. रिपोर्ट के मुताबिक़ ये फ़ेसबुक के हज़ारों इंप्लॉइ के लिए ब्रॉडकास्ट किया जा चुका है. BuzzFeed की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल के आख़िर में होने वाली फ़ेसबुक इंप्लॉइज के साथ इंटर्नल मीटिंग में कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट टूल TDLR पेश किया है जो न्यूज़ आर्टिकल का सार तैयार कर सकता है.

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इस तरह करेगा Tool काम
TDLR यानी Too long didn’t read. ये टूल बड़े न्यूज़ आर्टिकल को बुलेट प्वाइंट्स में तोड़ेगा ताकि यूज़र्स को पूरा आर्टिकल पढ़ने की ज़रूरत न हो. रिपोर्ट के मुताबिक़ फ़ेसबुक के चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर Mike Schroepfer ने इस मीटिंग के दौरान एक वर्चुअल रियलिटी बेस्ड सोशल नेटवर्क होरीजन के बारे में भी बताया है जहां यूज़र्स अपने अवतार के साथ बातचीत और हैंगआउट कर सकेंगे.

मार्च 2020 में किया था ऐलान
बता दे कि 2019 में Facebook ने न्यूरल इंटरफेस स्टार्टअप CTRL लैब्स का अधिग्रहण किया था. इसी के तहत कंपनी ने ब्रेन रीडिंग के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. मार्च 2020 में Facebook ने अपने ब्लॉगपोस्ट में कहा था कि कंपनी ऐसा डिवाइस बनाना चाहती है जो दिमाग पढ़ सकेगा. ब्रेन मशीन इंटरफेस को लेकर रिसर्च को फंड करने की बात कही गई जो किसी व्यक्तिक की सोच को एक्शन में बदल देगा.
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