Flipkart, Amazon की सेल का फायदा उठाकर चीनी हैकर्स ने लाखों भारतीयों को बनाया निशाना, ऐसे उड़ाए पैसे

दुनिया में पैट्रिक एक ही नहीं है वो जगह-जगह है. पता नहीं कब, कोई, कहां आपको अपने जाल में फांस ले कुछ नहीं कहा जा सकता. लिहाजा सतर्क रहें. (सांकेतिक तस्वीर)

दुनिया में पैट्रिक एक ही नहीं है वो जगह-जगह है. पता नहीं कब, कोई, कहां आपको अपने जाल में फांस ले कुछ नहीं कहा जा सकता. लिहाजा सतर्क रहें. (सांकेतिक तस्वीर)

हैकरों ने अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट द्वारा फेस्टिवल सीजन में जारी किए गए ऑफर जैसी कई फर्जी लिंक भेजकर भारतीयों को ठगी का शिकार बनाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 3:28 PM IST
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चीनी हैकरों (Chinese Hackers) द्वारा फेस्टिवल सीजन सेल (Shopping Scams During Festival Season Sales ) के दौरान लाखों भारतीयों को निशाना बनाए जाने की एक रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर और नवंबर के दौरान चीनी हैकरों ने शॉपिंग घोटाले (Shopping Scams) के जरिए भारतीयों के लाखों रुपये उड़ा ले गए. हैकर्स एक फर्जी लिंक बनाकर भारतीय यूजर्स को भेजते थे और ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने और पुरस्कार जीतने के लिए उन पर क्लिक करने को कहते थे. लिंक वॉट्सऐप संदेशों के माध्यम से प्रसारित किए गए थे और माना जाता है कि लाखों भारतीयों को ऐसे मैसेज भेजे गए थे.

हैकर्स ने अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट द्वारा फेस्टिवल सीजन में जारी किए गए ऑफर जैसी कई फर्जी लिंक भेजकर भारतीयों को ठगी का शिकार बनाए. साइबरस्पेस फाउंडेशन ने अपनी जांच में पाया है कि शॉपिंग घोटाले के लिए बनाए गए डोमेन लिंक चीन में विशेष रूप से ग्वांगडोंग और हेनान प्रांत के फांग जिओ किंग नामक एक संगठन में रजिस्टर्ड थे. ये डोमेन अलीबाबा के क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन कराए गए थे. घोटालों के लिए उपयोग किए गए लिंक अभी भी सक्रिय हैं.

बता दें कि अभी हाल ही में द ऑस्ट्रेलियन (The Australian) अखबार द्वारा दी गई डेटा लीक की खबर में खुलासा किया गया था कि कैसे कथित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of China, CPC) के सदस्य रक्षा और बैंक के क्षेत्रों के दुनिया के कुछ बड़े कॉरपोरेशनों में एवं कोरोना वायरस के वैक्सीन के मैन्युफैक्चरिंग में लगी बड़ी दवा कंपनियों में नियुक्त किए गए हैं. इस लीक में आरोप लगाया गया है कि सत्तारूढ़ CPC शंघाई में ऑस्ट्रेलियाई, ब्रिटिश और अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में भी घुसपैठ कर चुकी है. विदेश मामले एवं व्यापार विभाग स्थानीय कर्मियों की भर्ती के लिए चीनी सरकारी एजेंसी की मदद लेता है.

जिन कंपनियों में CPC सदस्य काम पर लगाए गए हैं वे बोइंग एंड वोल्क्सवेगन (Boeing and Volkswagen), दिग्गज दवा कंपनियां फाइजर और आस्ट्रेजेनिका (Pfizer and AstraZeneca) तथा ANZ एवं HSBC समेत वित्तीय संस्थान हैं. इस लीक में 19.5 लाख CPC सदस्यों के ब्योरे का खुलासा किया गया है जिसे व्हिसलब्लोअर ने शंघाई के सर्वर से हासिल किया. द ऑस्ट्रेलियन के विश्लेषण में सामने आया कि पूर्वी चीनी महानगर शंघाई में कम से कम 10 वाणिज्य दूतावासों में CPC सदस्य वरिष्ठ राजनीतिक एवं सरकारी विषयक विशेषज्ञ, लिपिक, आर्थिक सलाहकार और कार्यकारी सहायक के रूप में नियुक्त गए हैं.
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