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मोबाइल मैनर्स- क्या करें और क्या ना करें?

मोबाइल मैनर्स- क्या करें और क्या ना करें?

सेलफोन ने जीवनशैली को सरल बनाया है पर यह आदमी के जीवन में हस्तक्षेप करता भी नजर आ रहा है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल ज्यादा सतर्कता की मांग करता है।

सेलफोन ने जीवनशैली को सरल बनाया है पर यह आदमी के जीवन में हस्तक्षेप करता भी नजर आ रहा है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल ज्यादा सतर्कता की मांग करता है।

सेलफोन ने जीवनशैली को सरल बनाया है पर यह आदमी के जीवन में हस्तक्षेप करता भी नजर आ रहा है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल ज्यादा सतर्कता की मांग करता है।

    वाशिंगटन। सेलफोन या मोबाइल ने जीवनशैली को सरल बनाया है पर यह आदमी के जीवन में हस्तक्षेप करता भी नजर आ रहा है। सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल की घंटी बज उठती है जो बेहद विपरीत प्रभाव पैदा करती है। पढ़े-लिखे मोबाइल धारक भी जिस तरह मोबाइल का उपयोग करते हैं वह भी कई बार अच्छा नहीं लगता। मौजूदा दौर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल ज्यादा सतर्कता की मांग करता है।

    टेलीकॉम विशेषज्ञों ने कुछ मोबाइल मैनर्स निर्धारित किए हैं। इनके बारे में हर मोबाइल धारक को जानकारी होना जरूरी है।

    1.साथ रहने वालों का आदर करें- जो साथ हैं उनसे आमने-सामने पुरे ध्यान से बातें करें। इस दौरान फोन पर बात करने को टालें। टालना मुमकिन ना हो तो सामने वाले से माफी और इजाजत मांगें।

    2.आवाज धीमी रखें- बात करते हुए अधिकतर लोग आवाज उंची कर लेते हैं। क्या आप आमने-सामने उतनी ही तेज आवाज में बात करते हैं। नहीं ना तो फिर आवाज धीमी रखिए। बातों और घटनाओं का विस्तार से वर्णन न करें।

    3.खाने के वक्त तो खास ख्याल रखें- खाना खाते वक्त तो बोलना भी ठीक नहीं माना जाता। फिर फोन पर बात करना कैसा लगता होगा, जरा सोचिए।

    4.सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल फोन का उपयोग कतई न करें। सिनेमाघर, थिएटर, अस्पताल, मोक्षधाम, मंदिर, धार्मिक सत्संग, मीटिंग, गोष्ठी आदि में मोबाइल फोन की घंटी बजना भी असभ्यता का सूचक है।

    5.सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचने के पहले ही अपना मोबाइल फोन बंद कर लें या उसे साइलेंट मोड पर कर दें या उसे 'वायसमेल' पर ट्रांसफर कर लें। मोबाइल मैनर्स जानने की शुरुआत में यह पहली और सबसे महत्वपूर्ण हिदायत है।

    6.ऑफिस में आए किसी भी आदमी से बात करने के दौरान मोबाइल या तो बंद रखें या फिर साइलेंट मोड पर कर लें।

    7.ड्राइविंग करते हुए मोबाइल पर बात करना न केवल असभ्यता है बल्कि अपराध भी है। कई हादसों में यह बात सामने आई है कि ड्राइवर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। इसलिए सावधानी नहीं रख पाया और हादसा हो गया।

    8.अपने मोबाइल की रिंगटोन को संयत, धीमा और रुचिकर बनाएं। रिंग टोन पर भारी आवाज में अजीबो-गरीब गाने बजाने को अव्यावहारिकता कहा जाएगा। इसी तरह अपनी डायल टोन को भी ठीकठाक बनाकर रखें।

    9.मोबाइल उपकरण में लगे माइक्रोफोन बेहद स्ट्रांग और सेंसिटिव होते हैं। इसके अलावे पर्सनल लाइफ में आप कैसे भी बात करते हों। उन शब्दों के इस्तेमाल पर एहतियात बरतें।

    10.जहां तक संभव हो एसएमएस का उपयोग करें। एसएमएस एक ऐसी सुविधा है जो आपकी बातचीत को सीमित तो करती है, कई बार वह व्यावसायिक डील्स में प्रमाण का काम भी करती है।

    11.सर्वाधिक महत्वपूर्ण यह है कि मोबाइल पर बात करने के पूर्व अपनी बातचीत के प्रमुख बिंदुओं को प्लान कर लें, ताकि बातचीत छोटी लेकिन संपूर्ण हो सके।

    12.अपने साथ वालों के पर्सनल स्पेस का ख्याल रखें- अगर आप किसा के साथ हों तो प्लीज उससे कम से कम तीन मीटर की दूरी बमाकर ही फोन पर अपनी बातें करें।

    13.हर दूसरे देशों की तहजीब में फर्क होता है। तो आप भी अगर किसी और देश के लोग से बातें करें तो इस बात का भरपूर ख्याल रखें।

    Tags: Washington

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