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Google सर्च इंजन में आ रहे ये नए फीचर्स, पहले से ज़्यादा आसान हो जाएंगे कई काम

Google सर्च इंजन में नए फीचर्स आ रहे हैं.
Google सर्च इंजन में नए फीचर्स आ रहे हैं.

गूगल ने बीते कुछ महीनों में कई नए फीचर्स (Features) लॉन्च किए हैं, और अब कंपनी ने अपने 'संर्च इंजन' को भी नए फीचर्स के साथ पेश किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 4:08 PM IST
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दिग्गज सॉफ्टवेयर (Software) कंपनी गूगल (Google) आए दिन अपनी तकनीकी में नए-नए बदलाव कर रही है. गूगल ने बीते कुछ महीनों से अपने कई ऑप्शन में नए फीचर्स (Features) को जोड़ा है. अब कंपनी ने अपने 'गूगल संर्च इंजन' (Google Search Engine) को कुछ नए फीचर्स (New Features) से लैस किया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के ये नए फीचर्स यूज़र के लिए बहुत सुविधाजनक हैं. बताया जा रहा है कि सर्चिंग के दौरान यूजर्स के सामने अब कई विकल्प मौजूद होंगे. आइए जानते हैं गूगल सर्च इंजन के इन नये फीचर्स के बारे में.

गूगल ने सर्च क्वेरी को किया मर्ज
सर्च इंजन में नये फीचर्स के मुताबिक, सर्चिंग के दौरान किसी भी टॉपिक को को मर्ज करके पेश किया जाएगा है. इससे यूजर्स को सर्चिंग के दौरान और भी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे. मान लीजिए अगर आप गूगल पर 'टर्की' और उसके जैसे शब्द को सर्च कर करेंगे तो नया सर्च फीचर 'कार्विंग' के जरिए दोनों शब्दों को मर्ज करके पेश करेगा. बता दें कि गूगल ने इस सर्च ऑप्शन को 'सजेस्टेड बेस्ड ऑन योअर रिसेंट एक्टिविटी' से लेबल किया है.

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दूसरे फीचर्स की खासियत


सर्च इंजन में अगला फीचर यूजर्स को किसी विषय को सर्च करने पर उससे संबंधित कई विकल्प पेश करेगा. उदाहरण से समझिए, अगर कोई यूजर एक परफेक्ट फैमिली-फ्रैंडली फ्लिक के बारे में सर्च करता है तो नए फीचर के चलते गूगल सर्च इस टॉपिक से मिलती जुलती फिल्म की एक लिस्ट शो करेगा जो उसके दिमाग को तेज करने में मदद करेंगे.

पहले जोड़े थे ये फीचर्स
वहीं, गूगल अपने 'पीपुल आल्सो आस्क' सेक्शन को भी सर्च से संबंधित कई प्रश्नों से लैस कर सकता है. बता दें कि इससे पहले गूगल ने 'फर्दर सर्च' के लिए 'एआई फीचर्स' जोड़ा था. गूगल ने एआई फीचर्स को 'स्पेलिंग रिकॉग्निशन' पैसेज रिकॉग्निशन, कुछ निश्चित टॉप्किस के सब टॉपिक्स को समझने और वीडियो में 'की-मूमेंट' को समझने के लिए इस फीचर को जोड़ा था.  कंपनी ने 'नये स्पेलिंग अल्गोरिद्म' को भी जोड़ा था जो 'स्पेलिंग में गलतियों' का पता लगा उसमें सुधार करता है.

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कंपनी के लिए अहम ये फीचर
गूगल के मुताबिक, 'स्पेलिंग अल्गोरिद्म' गलत स्पेलिंग को पहचानने और सही शब्द को तीन मिलीसैकंड में पेश करने के लिए 'डीप न्यूरल नेट' तकनीक का इस्तेमाल करता है. कोलंबिया बेस्ड इस दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी का दावा है कि 'नया एआई स्पेलिंग फीचर' उनके पिछले पांच सालों में स्पेलिंग मिस्टेक को पहचानने के लिए किए प्रयासों में से सबसे अहम है.
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