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डेटा प्रोटेक्शन बिल के आने से बंद हो सकते हैं Alexa, गूगल होम!

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 6:54 PM IST

नए डेटा प्रोटेक्शन बिल में वॉयस कमांड (Voice Command), मोबाइल फिंगर प्रिंट (Mobile Finger Print) या फेस अनलॉक (Face Unlock) करने के लिए डेटा लेने पर भी सरकार की मंजूरी की जरुरत होगी.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 6:54 PM IST
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नई दिल्ली. पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल (Data Protection Bill) लोकसभा में पेश कर दिया गया है. उम्मीद है कि इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (Joint Parliamentary committee) को भेजा जाएगा. कमेटी की सिफारिशों के बाद पास होने के लिए इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा. लोकसभा में अगर बिल पास हो जाता है तो इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा. अगर वहां से भी पास हो जाता है तो इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.

डेटा प्रोटक्शन बिल (Data Protection Bill) को अगर संसद की मंजूरी मिल जाती है तो हो सकता है आपके घर की एलेक्सा (Alexa) और गूगल होम (Google Home) काम करना बंद कर दे. नए डेटा प्रोटेक्शन बिल में वॉयस कमांड (Voice Command), मोबाइल फिंगर प्रिंट (Mobile Finger Print) या फेस अनलॉक (Face Unlock) करने के लिए डेटा लेने पर भी सरकार की मंजूरी की जरुरत होगी. फिलहाल इस बिल को सभी सांसदों को दिया गया है. सरकार को इरादा इसी हफ्ते बिल को संसद में रखने का है.

इसी हफ्ते संसद में डेटा प्रोटेक्शन बिल पेश होगा
बिल पास होने के बाद वॉयस कमांड के जरिए चलने वाले डिवाइस पर रोक लगेगी. फिंगर प्रिंट, फेस अनलॉक के जरिए फोन खोलना मुश्किल होगा. ड्राफ्ट बिल में ग्राहकों के बायोमैट्रिक्स लेने पर रोक होगी. बायोमैट्रिक्स लेने के लिए सरकार की मंजूरी जरुरी होगी.

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और क्या है इस बिल में?
डेटा लेने और स्टोर करने से पहले उपभोक्ता की मंजूरी जरूरी होगी. बायोमैट्रिक डाटा लेने से पहले सरकार की मंजूरी जरुरी होगी. बच्चों का डेटा स्टोर लेने के अलग से कड़ा कानून होगा. सरकार से पास डेटा को लेकर असीमित ताकत होगी. कोई भी सरकारी एजेंसी निजी डेटा का इस्तेमाल कर सकेगी. सभी कंपनियों का सरकार के साथ डेटा शेयर करना अनिवार्य होगा. डेटा प्रोटक्शन आथॉरिटी बनेगी, जु्र्माना औऱ सजा का प्रवधान होगा.3 साल की जेल का प्रावधान
इसके अलावा बिल में डेटा कारोबार के इंचार्ज का काम देख रहे कार्यकारी को उल्लंघन के मामले में तीन साल तक की जेल भी हो सकती है. बिल में प्रस्ताव किया गया है कि कंपनी का कोई अधिकारी यदि भारत के लोगों के गुमनाम डेटा का सार्वजनिक डेटा से मिलान कर व्यक्ति की पहचान करने या डेटा का नियम विरुद्ध प्रसंस्करण का काम जानबूझ कर करता पाया गया तो उसे जेल की सजा हो सकती है.

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कंपनियों पर 15 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान
पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल में किसी बड़े उल्लंघन में कंपनियों पर 15 करोड़ रुपये या उनके वैश्विक कारोबार के 4 प्रतिशत (जो भी अधिक हो) तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है. उल्लंघन के छोटे मामलों में 5 करोड़ रुपये या वैश्विक कारोबार का 2 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव किया गया है.

(असीम मनचंदा, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: December 11, 2019, 4:51 PM IST
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