जानिए Facebook कब रिलीज करेगा मैसेंजर और इंस्टाग्राम के लिए एंड टू एंड एन्क्रिप्शन

सांकेतिक फोटो

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पिछले साल कई यूजर्स कई दूसरे मैसेजिंग ऐप्स की ओर गए थे जिसमें सिग्नल और टेलीग्राम शामिल है क्योंकि लोगों ने फेसबुक की प्राइवेसी पॉलिसी व नई सेवा शर्तों का सार्वजनिक विरोध हुआ था जिसके कारण कंपनी को 15 मई तक नई शर्तों को स्वीकार करने की समय सीमा को फिर से निर्धारित करना पड़ा

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नई दिल्ली. करीब दो साल पहले फेसबुक (Facebook) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने यह घोषणा कि थी कि कंपनी फेसबुक, इंस्टाग्राम (Instagram) और व्हाट्सऐप (WhatsApp)के मैसेजस पर वो काम कर रही है जिससे तीनों मैसेजिंग सेवाओं को एंड टू एंड एन्क्रिप्शन किया जा सके. लेकिन अब कंपनी कह रही है कि यूजर्स को सुरक्षित और निजी मैसेजिंग के लिए अभी और भी इंतजार करना होगा.

शुक्रवार को फेसबुक की ओर से की गई एक नई घोषणा के अनुसार कंपनी अपनी संदेश सेवाओं को एकीकृत करने पर अभी भी काम कर रही है. कंपनी का कहना है कि हमने पिछले साल इंस्टाग्राम और फेसबुक लॉन्च के लिए क्रॉस ऐप मैसेजिंग देखी, जबकि एक लीकर ने यह इशारा किया कि फेसबुक मैसेंजर और वॉट्सऐप में इंटीग्रेशन देखा गया लेटर कोड में टियरडाउन के बाद. हालांकि कंपनी ने अपनी सेवाओं के लिए सुरक्षित मैसेजस भेजने के अपने इरादे को दोहराया है और कह रही है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन वर्ष 2022 की शुरूआत तक नहीं हो सकता है.

नई सेवा शर्तों का सार्वजनिक विरोध हुआ था

यह घोषणा उस वक्त आई है जब दो सप्ताह पहले ही फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप मैंसेजर को सेवा की नई शर्तों के साथ लागू करने के लिए सेट किया गया है, जो यूजर्स की ज्यादा जानकारी बिजनस प्लेटफॉर्म पर शेयर करता है. पिछले साल कई यूजर्स कई दूसरे मैसेजिंग ऐप्स की ओर गए थे जिसमें सिग्नल और टेलीग्राम शामिल है क्योंकि लोगों ने फेसबुक की प्राइवेसी पॉलिसी व नई सेवा शर्तों का सार्वजनिक विरोध हुआ था जिसके कारण कंपनी को 15 मई तक नई शर्तों को स्वीकार करने की समय सीमा को फिर से निर्धारित करना पड़ा, हालांकि बाद में कई यूजर्स वापस वाट्सऐप पर दोबारा लौट भी आए उसमें मौजूद कई ग्रुप्स और ऐप्स पर मौजूद कॉन्टेक्ट्स के चलते.
ऐसे टूल होंगे जो उत्पीड़न रोकेने में मदद करेगा

फेसबुक के अनुसार जब तीनों सेवाओं के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बैकएंड लॉन्च किया जाता है, तो यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए कंपनी के सिस्टम को सपोर्ट करेगा जिससे ऐसे टूल होंगे जो प्लेटफॉर्म पर उत्पीड़न और नाबालिगों के उत्पीड़न को रोकेने में मदद करेगा. कंपनी का कहना है यह बिहेवियर सिग्नल, ट्रैफिक डाटा/ यूजर रिपोर्ट पर काम करेगा बजाय मैसेज के सारे कटेंट को एक्सेस करने के.
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