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अमेरिकी दबाव से निपटने की तैयारी, Huawei ने ‘मेड इन यूरोप’ 5G का किया वादा

भाषा
Updated: February 5, 2020, 5:48 PM IST
अमेरिकी दबाव से निपटने की तैयारी, Huawei ने ‘मेड इन यूरोप’ 5G का किया वादा
हुवावेई ने ‘मेड इन यूरोप’ 5जी का किया वादा

दूरसंचार उपकरण बनाने वाली चीन की कंपनी हुवावेई ने कहा कि वह यूरोप में अपने विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी. अमेरिका लगातार यूरोपीय देशों पर हुवावेई के साथ कारोबार बंद करने का दबाव बनाये हुये है.

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नई दिल्ली. दूरसंचार उपकरण (Telecom Equipments) बनाने वाली चीन की कंपनी हुवावेई (Huawei) ने कहा कि वह यूरोप में अपने विनिर्माण संयंत्र (Manufacturing Plant) स्थापित करेगी. इसकी प्रमुख वजह यूरोपीय संघ (Eurpean Union) के देशों पर अमेरिका द्वारा बनाये जा रहे दबाव से निपटना है. अमेरिका लगातार यूरोपीय देशों पर हुवावेई के साथ कारोबार बंद करने का दबाव बनाये हुये है.

ब्रसेल्स में चीन के नव वर्ष के एक कार्यक्रम में कंपनी के यूरोपीय परिचालन के प्रमुख अब्राहम लियू ने कहा, ‘‘हुवावेई अब यूरोप के लिए पहले से अधिक प्रतिबद्ध है. इसलिए हमने यहां यूरोप में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने का निर्णय किया है. इससे हम यूरोप को सही मायनों में ‘मेड इन इंडिया’ 5G दे सकते हैं.’’

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यूरोपीय संघ ने हाल ही में सदस्य देशों को किया था आगाह

कंपनी की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गयी है जब यूरोपीय संघ ने सदस्य देशों से कहा है कि वह उन दूरसंचार कंपनियों पर 5G के बुनियादी ढांचे से जुड़े उपकरण लेने पर प्रतिबंध लगा सकती है जिनसे सुरक्षा को लेकर जोखिम दिखता हो.



यूरोपीय संघ की पहले की योजना में हुवावेई पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. लेकिन ब्रिटेन ने ऐसे नियम बनाए जो हुवावेई की भूमिका को सीमित करते हैं. 

यूरोपीय संघ ने भी 5G को लेकर बनाए हैं कड़े नियम
यूरोपीय संघ ने भी अमेरिका के दबाव के बाद बीच का रास्ता तलाशते हुए हुवावेई को ध्यान में रखकर 5G ढांचे के लिए कड़े नियम बनाए हैं और अब हुवावेई पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय यूरोपीय संघ के सदस्य देश अपने स्तर पर कर सकते हैं.

यूरोप में कारखाने लगाने से कंपनी को यूरोपीय देशों द्वारा उसके खिलाफ लगायी गयी कई पाबंदियों से राहत मिलेगी. अभी सभी की नजरें जर्मनी पर हैं जिसका कंपनी के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का फैसला लेना अभी बाकी है. कंपनी के मुताबिक वह यूरोपीय संघ के 12 देशों में 23 शोध केंद्र और दो क्षेत्रीय केंद्र चलाती है. वह वहां 13,000 लोगों को रोजगार देती है.

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First published: February 5, 2020, 5:47 PM IST
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