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WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी कर रही परेशान तो ये Apps कर सकते हैं इस्तेमाल

WhatsApp के पॉलिसी चेंज करने के बाद कुछ यूज़र्स नाखुश हैं.
WhatsApp के पॉलिसी चेंज करने के बाद कुछ यूज़र्स नाखुश हैं.

हम आपको कुछ ऐसी ऐप और सर्विस के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें प्राइवेसी के नज़रिए से आप वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 2:08 PM IST
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इन दिनों इंटरनेट पर वॉट्सऐप (WhatsApp) के हालिया अपडेट को लेकर काफी चर्चा चल रही है. ये अपडेट यूज़र को फेसबुक के साथ निजी डेटा शेयर करने के लिए मजबूर करता है, जिसके बाद से ही स्मार्टफोन यूज़र्स का एक बड़ा समूह अपनी डेटा प्राइवेसी (Data Privacy) को लेकर काफी चिंतित है. ज़्यादातर यूज़र्स को मालूम ही नहीं होता कि आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाली ऐप और सेवाओं से प्राइवेसी को खतरा होता है. यहां हम आपको कुछ ऐसी ऐप और सर्विस के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें प्राइवेसी के नज़रिए से आप वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं...

चैट और कम्यूनिकेशन: दो अरब से ज्यादा यूज़र्स के साथ, चैट और ऑडियो/वीडियो कॉल के लिए वॉट्सऐप की सबसे लोकप्रिय सर्विस है, जबकि ये प्राइवेसी के नाम पर आपकी चैट पर नज़र रखता है. वॉट्सऐप के बजाय टेलीग्राम और सिग्नल जैसे वैकल्पिक ऐप आप आजमा सकते हैं. ये दोनों ही ऐप यूज़र्स प्राइवेसी के लिए सेफ हैं और इनको इस्तेमाल करने के लिए यूज़र्स को किसी भी तरह के डेटा जानकारी नहीं देनी होती.





सोशल नेटवर्क: फेसबुक दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला सोशल नेटवर्क है. हालांकि जैसे-जैसे फेसबुक के यूज़र्स बढ़े हैं, वैसे-वैसे ही ये प्राइवेसी के मुद्दे पर भी चर्चा में आया. वॉट्सऐप अपने यूज़र डेटा को सीधे फेसबुक पर शेयर कर रहा है, जिसके बाद फेसबुक अब इन दो अरब यूज़र के डेटा को स्ट्रीम कर सकता है, जो डेटा प्राइवेसी को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय है. अच्छी बात यह है कि आपके पास वैकल्पिक सोशल नेटवर्किंग साइट्स उपलब्ध हैं, जो आपकी गोपनीयता पर केंद्रित हैं. यदि आप ट्विटर जैसे इंटरफेस को पसंद करते हैं, तो आप मास्टोडन इस्तेमाल सकते हैं, जो ऐड फ्री है, इस्तेमाल करने में आसान है और कोई जानकारी इकट्ठा नहीं करता है. इसके अलावा आप डायस्पोरा या सोशल ऐप भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
ब्राउज़र: ब्राउज़र इंटरनेट से जुड़ने के लिए एक एंट्री गेट की तरह काम करता है. परेशानी ये है कि लगभग सभी आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले ब्राउजर (क्रोम, एज, सफारी आदि) यूज़र्स को ट्रैक करते हैं और उनके डेटा को अपनी मूल कंपनी के साथ शेयर करते हैं. इन सब से बचने के लिए आप ब्रेव ब्राउजर को ट्राय कर सकते हैं, जो डेस्कटॉप और मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम दोनों पर उपलब्ध है.

ये ब्राउजर यूज़र की गतिविधि को ट्रैक नहीं करता है और एक इनबिल्ट एडब्लॉकर के साथ भी आता है. दूसरे ऑपशन के तौर पर टॉर ब्राउजर है, जो आपकी गतिविधि को रिवील नहीं करता है और आपके उपयोग डेटा को एन्क्रिप्ट करता है ताकि कोई भी इसे ट्रैक न कर सके.

ईमेल: आपका ईमेल आपकी व्यक्तिगत जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है. यही कारण है कि यूज़र्स की तरफ से आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली लगभग सभी ईमेल सर्विस में प्राइवेसी रिस्क रहता है. इन सब रिस्क से बचने के लिए एकमात्र तरीका सुरक्षित ईमेल सर्विस इस्तेमाल करना है. इस तरह के रिस्क को देखते हुए, प्रोटॉनमेल सबसे सही ऑपशन है. यह ईमेल के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रदान करता है.

सर्च इंजन: स्मार्टफोन और कंप्यूटर में गूगल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला सर्च इंजन है, अगर आप प्राइवेसी को महत्व देते हैं, तो गूगल के इस्तेमाल की सलह नहीं दी जाएगी. Google आपकी एक्टिविटी को ट्रैक करता है और फिर उस जानकारी का इस्तेमाल उत्पादों पर व्यक्तिगत विज्ञापन दिखाने के लिए करता है, जो कि किसी की प्राइवेसी के खिलाफ है. यदि आप अपनी गोपनीयता के बारे में चिंतित हैं और अपनी सर्च हिस्ट्री को ट्रैक नहीं करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप DuckDuckGo का इस्तेमाल कर सकते हैं. DuckDuckGo किसी भी यूज़र की जानकारी को इकट्ठा नहीं करता है, क्योंकि ये यूज़र को ट्रैक नहीं करता है.

वीडियो: आज हम में से ज्यादार लोग वीडियो को लिए YouTube का इस्तेमाल करते हैं, जबकी गूगल के दूसरे ऐप्स और सर्विस की तरह ही यूट्यूब भी आपके लिए एक प्रोफाइल बनाता है और फिर वीडियो प्लेबैक के दौरान आपको प्रासंगिक विज्ञापन दिखाने के लिए आपके डेटा हिस्ट्री को ट्रैक करता है. हालांकि दूसरे प्लैटफॉर्म की पास यूट्यूब की जितनी बड़ी लाइब्रेरी नहीं है, लेकिन वे यूज़र की प्राइवेसी पर ध्यान देते हैं. इसमें हम आपको Vimeo, Metacafe या DTube की सलाह देंगे.
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