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अगले साल चीन के हैकर्स के निशाने पर होगा भारत

News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 2:54 PM IST
अगले साल चीन के हैकर्स के निशाने पर होगा भारत
चीनी के एडवांस परसिस्टेंट थ्रेट(APT) विश्वभर में कथित रूप से साइबर अपराध और उससे जुड़ीं गतिविधियों में शामिल है. साल 2018, में APT की नजर भारत और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों बनी हुई है.
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Updated: December 8, 2017, 2:54 PM IST
चीन के एडवांस परसिस्टेंट थ्रेट (APT) ग्रुप्स कथित रूप से दुनिया भर में साइबर क्राइम और उससे जुड़ीं गतिविधियों में शामिल हैं. पिछले सालों में APT ग्रुप्स दुनिया के अलग-अलग मुल्कों को अपना निशाना बनाता रहा है. अब यही ग्रुप्स भारत को नुकसान पहुंचाना चाहता है. अगले साल यानी 2018 में APT की नजर भारत और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों पर है.

साइबर सिक्योरिटी कंपनी फायरआई के अनुसार, चीन का भारत, साउथ कोरिया, जापान, फिलीपींस, वियतनाम और दूसरे दक्षिण एशियाई मुल्कों के साथ लगातार सीमा विवाद चल रहा है, जिसके कारण इन पर साइबर अटैक किए जा सकते हैं. फायरआई के सीनियर डायरेक्टर और इंडिया हेड श्रीकांत शितोले ने बताया,  'भारतीय कंपनियों के लिए सुरक्षा से जुड़े सबसे अहम सवालों में से एक यह है कि क्या आपको पता है कि कौन आपको निशाना बनाने जा रहा है और वे कैसे ऑपरेट करते हैं. यह जोखिम अपने बिजनेस की प्रकृति, आपके पास उपलब्ध डेटा, आपके रिलेशनशिप और कई चीजों पर निर्भर करती है.'

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल जैसी समस्याओं से भारत के निजी और सरकारी क्षेत्र को पहले से तैयार रहने की जरूरत है. शितोले के मुताबिक, इस तरह के साइबर अटैक अक्सर चुनाव से पहले किया जाता है, जिस तरह से अमेरिका में देखने को मिला. इस तरह की समस्याएं हर लोकतान्त्रिक देश के सामने हैं, जिसका मुकाबला हमें भविष्य में करना पड़ सकता है.

फायरआई के अनुसार एशियाई पैसेफिक रीजन में चीन और उसके आसपास के देशों में लगातार राजनैतिक मतभेद बने हुए हैं. इसके साथ ही यह देखा गया है, गैर-चीनी और गैर रूसी APT ग्रुप 2017 में सक्रिय थे, जो साल 2018 में और भी अधिक सक्रिय हो सकते हैं.

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