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इंटरनेट पर आपका डेटा सुरक्षित करने में जुटा 21 साल का ये युवा, विश्व के तीसरे सबसे बड़े एथिकल हैकर में शुमार

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

इंटरनेट पर मौजूद किसी भी डेटा को हैकर से बचाना न सिर्फ मुश्किल बल्कि चुनौतीपूर्ण भी है. एथिकल हैकर (Ethical Hacker) इंटरनेट पर मौजूद बड़े वेबसाइट या फिर आपके विभिन्न अकाउंट के लूपहोल्स को दूर कर आपके डेटा को सुरक्षित करने का काम करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 10:40 PM IST
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नई दिल्ली. आज के समय में हमारे निजी और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा हुआ तमाम महत्वपूर्ण डेटा इंटरनेट पर मौजूद है. ऐसे में इंटरनेट हैकर आपके महत्वपूर्ण डेटा को चुराकर आपको आर्थिक व समाजिक तौर पर नुकसान पहुंचाने के लिए दिन-रात प्रयास करते हैं. पिछले दिनों देश के सबसे बड़े ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म अनएकेडमी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी वेबसाइट व ट्विटर अकाउंट को हैक करने का मामला सामने आया. इन दोनों ही मामले ने साबित किया है कि इंटरनेट पर मौजूद किसी भी डेटा को हैकर से बचाना न सिर्फ मुश्किल बल्कि चुनौतीपूर्ण भी है. यही वजह है कि एथिकल हैकर इंटरनेट पर मौजूद बड़े वेबसाइट या फिर आपके विभिन्न अकाउंट के लूपहोल्स को दूर कर आपके डेटा को सुरक्षित करने का काम करते हैं.

ऐसे समय में इंक-42 रिपोर्ट की मानें तो अपने देश के लिए एक अच्छी बात यह है कि बग बाउंटी के क्षेत्र में अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत दुनिया में पहले नंबर पर आता है. वहीं, अभी हाल के दिनों में आनंद प्रकाश भारत के एक ऐसे ही युवा एथिकल हैकर हैं जो दुनिया भर में अपनी साख जमा रहे हैं.

भारत में बग बाउंटी व एथिकल हैकिंग के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से आनंद प्रकाश शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं. फेसबुक की मानें तो 2014 और 2016 में आनंद प्रकाश दुनिया के दूसरे सबसे बड़े एथिकल हैकर थे. वहीं, उबर ने रैंकिंग जारी करते हुए आनंद प्रकाश को अभी हाल में दुनिया के चौथे नंबर का एथिकल हैकर बताया है. ट्विटर की मानें तो आनंद प्रकाश दुनिया के तीसरे सबसे बड़े और कामयाब एथिकल हैकर हैं. इस तरह साफ है कि दुनिया में भारत का सर गर्व से उंचा करने वाले इस राजस्थानी नौजवान (आनंद प्रकाश) ने गलत तरीके से डेटा चुराने वाले दुनिया के बड़े से बड़े इंटरनेट हैकर के इरादे पर पानी फेर दिया है.



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जानें आनंद प्रकाश कौन हैं कहां के रहने वाले हैं?
राजस्थान के झूंझनू जिले के रहने वाले आनंद प्रकाश बेंगलुरु से वेब ऐप सिक्युरिटी बेस्ड ब्लॉग चलाते हैं और वो प्रोडक्ट सर्विस इंजीनियर भी हैं. कुछ समय पहले तक वो फेसबुक व्हाइट हैट बग बाउंटी प्रोग्राम में टॉप हैकर्स में से एक रहे हैं. फेसबुक ने इनको अब तक 10 लाख रुपये से भी ज्यादा पैसे बतौर इनाम दिए हैं. इसी तरह इंडियन हैकर आनंद प्रकाश ने कुछ समय पहले कैब सर्विस प्रोवाइडर उबर में एक ऐसी खामी ढूंढी थी, जिससे अनलिमिटेड फ्री राइड ली जा सकती थी. इस काम के लिए उन्हें कंपनी ने 9 लाख रुपये बतौर इनाम दिए थे.

हैकर आनंद प्रकाश के नाम ये रिकॉर्ड दर्ज है
बता दें कि फेसबुक ही नहीं, आनंद ने कई पॉपुलर वेबसाइट्स में कमियों और बग्स का पता लगाया है. फेसबुक हमेशा ही उनका फेवरेट रहा और उन्हें ढेरों बग्स इस साइट पर मिलेगा. इतना ही नहीं, आनंद अब इस सोशल नेटवर्किंग साइट के टॉप-3 रिसर्चर्स में जगह बना चुके हैं. टॉप एथिकल हैकर्स की एनुअल वाइट लिस्ट में भी उनका नाम शामिल किया गया है. फेसबुक के अलावा आनंद ट्विटर और गूगल में भी बग्स का पता लगा चुके हैं. वह उबर, गिटहब, नोकिया, साउंडक्लाउड, ड्रॉपबॉक्स, पेपाल और बाकी साइट्स के बग-बाउंटी प्रोग्राम में भी हिस्सा ले चुके हैं.



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महज 21 साल की उम्र में इंटरनेट हैकिंग के क्षेत्र में बने बादशाह
आनंद प्रकाश कम उम्र में फेसबुक, ऊबर और ट्विटर जैसी कंपनियों के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी तलाश कर बग बाउंटी के रूप में काम करने के लिए जाने जाते हैं. 21 साल की उम्र में आनंद प्रकाश ने सबसे पहले हैकिंग की तो उन्होंने फेसबुक बग बाउंटी में हिस्सा लिया.

वो कहते हैं कि हैकिंग के ज़रिए जब आप बग बाउंटी का काम करते हैं तो आपको ईनाम का पैसा तो मिलता है, पहचान भी मिलती है और साथ में आपका करियर भी बन जाता है. ये युवाओं के लिए काफ़ी अच्छा साबित होता है. इन सबके अलावा जिज्ञासा भी होती है क्योंकि डेवेलपर तो हर कोई होता है लेकिन हैकर कम ही लोग होते हैं.
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