सरकार की बात मानी तो WhatsApp में हो जाएगा बड़ा बदलाव, यूजर्स पर होगा सीधा असर

सरकार ने WhatsApp को अपने प्लेटफॉर्म से भेजे जाने वाले हर मैसेज को बिना एनक्रिप्शन तोड़े डिजिटली फिंगरप्रिंट करने को कहा है, इससे वॉट्सऐप पर शेयर किए जाने वाले सभी कंटेंट को ट्रेस किया जा सकेगा.


Updated: June 18, 2019, 6:11 PM IST

Updated: June 18, 2019, 6:11 PM IST
केंद्र सरकार अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप (WhatsApp) से सारे मैसेज को डिजिटली फिंगरप्रिंट करने को कहा है. अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने WhatsApp को अपने प्लेटफॉर्म से भेजे जाने वाले हर मैसेज को बिना एनक्रिप्शन तोड़े डिजिटली फिंगरप्रिंट करने को कहा है, इससे वॉट्सऐप पर शेयर किए जाने वाले सभी कंटेंट को ट्रेस किया जा सकेगा. साथ ही, बिना मैसेज पढ़े WhatsApp ये भी जान सके कि मैसेज को कितने लोगों ने पढ़ा और फॉरवर्ड किया है.

सरकार ने WhatsApp से कहा- अधिकारियों ने बताया कि वॉट्सऐप मैसेज के फिंगर-प्रिंटिंग से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कोई मैसेज कहां से शुरू हुआ है. उन्होंने कहा कि हम मैसेज पढ़ना नहीं चाहते, लेकिन अगर हमें कोई गलत मैसेज दिखता है और हम वॉट्सऐप से उसे शुरू करने वाले के बारे में पूछते हैं, तो उसे यह जानकारी देने में सक्षम होना चाहिए. कंपनी को इसका रास्ता निकालना होगा. यह तकनीकी तौर पर संभव है.’ (ये भी पढ़ें-WhatsApp पर आए Audio message को Call की तरह सुन सकते है आप, देखें तरीका)

>> एक अधिकारी ने बताया कि सरकार कुछ ही मामलों में कंपनी से मैसेज के शुरू होने की जानकारी मांगेगी. उन्होंने बताया कि हम कम से कम रिक्वेस्ट भेजने की कोशिश करेंगे.



>> अभी वॉट्सऐप मैसेज के डेटा स्टोर नहीं करती. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वह सरकार की मांग मानती है तो उसे पूरे आर्किटेक्चर को नए सिरे से तैयार करना होगा.

>> सरकारी जांच एजेंसियों की शिकायत रही है कि वॉट्सऐप से जो मेटाडेटा (नाम, यूज़र्स के डिस्प्ले इमेज और ग्रुप में सदस्यों की संख्या) मिलता है, वह गलत मैसेज भेजने वालों का पता लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है.

>> दिसंबर 2008 में IT एक्ट में संशोधन का जो मसौदा पेश किया गया था, उसमें सभी इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जाने वाले मैसेज के ओरिजिन का पता लगाने की जवाबदेही संबंधित कंपनियों पर डाली गई थी. (ये भी पढ़ें--WhatsApp की हर Video Call को Record करना है आसान, वीडियो में देखें पूरा तरीका)
इन यूज़र्स पर कानूनी कार्यवाही का किया ऐलान-हालांकि WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म के जरिए फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाएं हैं. कंपनी ने हाल ही में ऐलान किया है कि  Whatsapp प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने वालों को जल्द ही कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है.



कंपनी ने कहा है कि एक साथ कई सारे लोगों को मैसेज भेजने, ऑटोमेटेड मैसेज भेजने या अपने नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्यवाही करेगी.

वॉट्सऐप ने अपने FAQ पेज़ के 'अनऑथराइज्ड यूज़ेज ऑफ वॉट्सऐप पॉलिसी' सेक्शन में कहा है कि कोई भी यूज़र या संस्था जो एक साथ ढेर सारे यानी बल्क मैसेज भेजेगी या ऑटोमेटेड मैसेज भेजेगी, उसे 7 दिसंबर के बाद से कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा.

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